मैदानी क्षेत्र होने के बावजूद सांबा का तापमान शून्य से नीचे जाना स्थानीय निवासियों के लिए अप्रत्याशित है। मोबाइल फोन पर हुई बातचीत में डाॅ. संजय ने बताया कि इससे पहले भीषण सर्दी में भी सांबा में पारा अक्सर एक से दो डिग्री के आसपास ही रहता था। कुछ बार ये शून्य डिग्री तक भी गया है लेकिन माइनस एक डिग्री के करीब पहली बार पहुंचा है। इस बार की शीतलहर ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
उधर, कश्मीर में शोपियां ही नहीं, पूरी घाटी वर्तमान में चिल्ले कलां (40 दिनों की सबसे कठोर सर्दी) के प्रभाव में है। शनिवार की रात को शोपियां माइनस 8.6 डिग्री सेल्सियस के साथ पूरे जम्मू-कश्मीर में सबसे ठंडा स्थान रहा। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में तापमान रात का पारा माइनस 5.1 डिग्री से माइनस 6.0 डिग्री सेल्सियस के बीच ठिठुर रहा है। शनिवार की रात को यहां पारा माइनस 5.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जम्मू में न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री पर आ गया है।
कश्मीर में जमने लगे डल के किनारे
अत्यधिक ठंड के कारण डल झील के किनारों समेत घाटी के कई अन्य जल निकायों पर बर्फ की परत जम गई है। नलों में पानी जमना शुरू होने से लोगों को सुबह के समय भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
अभी और गिरेगा तापमान
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अभी तापमान में और गिरावट आने के आसार हैं। विभागीय अधिकारी ने बताया कि आने वाले दिनों में भी रात के तापमान में ज्यादा सुधार के आसार नहीं हैं और ठंड का असर बना रह सकता है। मैदानी क्षेत्रों में कोहरा छाने के आसार हैं।