सूचना मिलते ही अरनिया थाने से पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। कांग्रेस नेता नीरज कुंदन भी ग्रामीणों के बीच पहुंच गए। उन्होंने परिजन को ढांढस बंधाया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया। तहसीलदार अरनिया अमनदीप सिंह करीब तीन घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंचे।
हादसे के चार घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंचते ही विधायक राजीव भगत के खिलाफ ग्रामीणों ने गो बैक के नारे लगाना शुरू कर दिए। शाम 5:30 बजे बिजली विभाग के एईई भानु प्रताप सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने उनका घेराव कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बीच-बचाव करते हुए ग्रामीणों को शांत करवाया।
मृतक के परिजन घर के एक सदस्य को नौकरी और मुआवजा देने की मांग पर अड़ गए। लिखित में आश्वासन न दिए जाने पर विरोध और ज्यादा होने लगा। इसी बीच विधायक राजीव भगत, तहसीलदार और बिजली विभाग के अधिकारी लिखित में आश्वासन देने के लिए राजी हो गए। इसके बाद शव ट्रांसफार्मर से नीचे उतारा गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
परिजन व ग्रामीणों ने रिसीविंगस्टेशन पर धावा बोला
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर नंदपुर रिसीविंग स्टेशन पर धावा बोल दिया। बीच-बचाव करते हुए पुलिस ने रिसीविंग स्टेशन के अंदर मौजूद जेई जनक राज और एक अन्य कर्मचारी को बाहर निकाला। बाद में दोनों मुलाजिमों को थाने ले जाया गया।