घाटी में हिंसा का दौर थमता नजर नहीं आ रहा है। 9 अप्रैल को श्रीनगर उपचुनाव के दौरान हुई हिंसा में सुरक्षाबलों के साथ झड़प के चलते घायल हुए गांदरबल जिले के एक युवक की बुधवार को मौत हो गई। बरूसा के रहने वाले मजदूरी करने वाले युवक मुजफ्फर अहमद मीर की मौत की खबर फैलते ही बुधवार को एक बार फिर हिंसा भड़क गई।
इससे बरूसा और इसके आसपास के इलाकों में पूरी तरह से बंद रहा। 9 अप्रैल को सुरक्षाबलों की फायरिंग में वह घायल हुआ था। मंगलवार देर रात सौरा अस्पताल में उसकी मौत हुई। जानकारी के अनुसार युवक की मौत की खबर आते ही दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दीं। कुछ युवाओं ने सड़कों पर आकर वाहनों पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद सुरक्षाबलों ने हाईवे पर वाहनों की मूवमेंट रोक दी। कुछ ही देर बाद पूरा इलाका खाली हो गया।
वहीं श्रीनगर-बारामुला हाइवे पर पलहालन और डेलीना में विद्यार्थियों और पुलिस में जमकर बवाल हुआ। विद्यार्थियों को प्रदर्शन से खदेड़ने के विरोध में विद्यार्थी पुलिस पर भड़क उठे। डेलीना हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने पुलवामा के डिग्री कालेज के विद्यार्थियों के घायल होने पर प्रदर्शन किया। कक्षाओं का बहिष्कार करने के बाद प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुलिस ने जबरन हटाया।
विद्यार्थियों ने पुलिस पर किया पथराव
सुरक्षाबलों पर पथराव करते युवक
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वहीं पलहालन स्कूल के विद्यार्थियों ने हाईवे को ब्लाक कर दिया। इनको भी पुलिस ने जबरन खदेड़ा। गुस्साए विद्यार्थियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। दरअसल, कुछ दिन पहले पुलवामा के डिग्री कालेज के विद्यार्थियों ने पुलिस पर पथराव किया था। इसके बाद हुए बवाल में 50 विद्यार्थी घायल हो गए थे। इन्हीं विद्यार्थियों के समर्थन में दोनों स्कूल के विद्यार्थी सड़क पर आकर प्रदर्शन करने लगे।
जिला प्रशासन ने कंगन और गांदरबल के डिग्री कालेज को अगले दो दिन के लिए बंद कर दिया है। प्रशासन ने पुलवामा कालेज की घटना का हवाला देकर यह निर्णय लिया। बांदीपोरा श्रीनगर रोड पर भी स्कूल के विद्यार्थियों ने सड़क पर आकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। यहां भी सुरक्षाबलों और विद्यार्थियों में झड़प हुई।
घाटी में इंटरनेट सेवा ठप
घाटी में इंटरनेट सेवा ठप
- फोटो : Demo Photo
घाटी में हालात खराब रहने के चलते अभी इंटरनेट और ब्राडबैंड सेवा को बहाल नहीं किया गया है। स्कूलों और कालेज के विद्यार्थियों की ओर से किए जा प्रदर्शन और पथराव को ध्यान में रखते हुए सरकार के निर्देश पर मंडलायुक्त ने 20 और 21 अप्रैल को भी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।