चयन न होने पर बीएसएफ-सीआईएसएफ भर्ती के उम्मीदवार सोमवार को फिर सड़कों पर उतरे। उन्होंने तवी पुल को बंद कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। पुलिस ने उम्मीदवारों को हिरासत में लिया। इस दौरान पुलिस के साथ उम्मीदवारों की धक्का मुक्की हुई। कुछ उम्मीदवारों ने पुलिस पर उनको डंडों से पीटने का आरोप भी लगाया।
दूसरी तरफ केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया था कि जितने पदों पर भर्ती होनी थी, उतने पदों पर हो चुकी है और इतने पदों पर ही रहेगी। वहीं प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों ने भाजपा के खिलाफ भी नारेबाजी भी की। कहा कि आने वाले चुनाव में इसका जवाब दिया जाएगा।
घोषणा के दो साल बाद भी पुलिस की महिला और बार्डर बटालियन की भर्ती प्रक्रिया पूरी न होने पर उम्मीदवारों में रोष है। सोमवार को अंबफला में सैकड़ों उम्मीदवारों ने इसे लेकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी भी की। उम्मीदवार का कहना है कि लिखित परीक्षा को छोड़कर बाकी सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। इसके बावजूद भर्ती की दोबारा अधिसूचना जारी कर दी गई है।
जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तीन साल की मेहनत के बाद वह लोग फिट हुए थे और अब फिर से भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा क्यों लें। कहा कि सरकार को चाहिए की नई अधिसूचना को रद्द किया जाए। जबकि जो लोग फिट हो चुके हैं, उनकी लिखित परीक्षा हो। उनकी बस यहीं दो मांगे हैं। यह भी कहा कि वह लोग मंडलायुक्त से मिले, कई वरिष्ठ अधिकारियों और राजनेताओं से मिले।