कश्मीर हिंसा के चलते क्षेत्र के मुर्गा पालकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के मुर्गा पालकों के मुताबिक घाटी में हालात खराब होने से मुर्गे का रेट 120 रुपये प्रति किलो से गिरकर 45-47 रुपये प्रति किलो हो गया है।
ज्यौड़ियां में मुर्गा पालक बरवीर सिंह, खौड़ के मंजीत सिंह भाऊ, हैप्पी, चक्क मलाल के अनिल शर्मा, पलांवाला के सोनू सिंह आदि ने बताया कि वर्तमान में उनके लिए मुर्गा पालन में आने वाली लागत भी निकालना मुश्किल हो रहा है। मुर्गे का व्यवसाय कश्मीर पर निर्भर था, जबसे वहां हालात खराब हुए हैं, इसकी बिक्री भी बंद हो गई है।
इसके चलते मुर्गा पालकों की आर्थिक हालत बदतर हो गई है। उनके मुताबिक मुर्गे के मीट की बिक्री का असर दाल पर भी पड़ रहा है। वहीं स्थानीय लोग इसका खूब फायदा उठा रहे हैं। पहले के मुकाबले आधे दाम पर चिकन मिलने से स्थानीय लोग खुश हैं। दुकानदारों ने भी मुर्गे की बिक्री के लिए अपनी दुकानों के आगे कम दाम के बोर्ड लगा दिए हैं।