सेना की टाइगर डिविजन की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए चलाए गए आपरेशन मेघ राहत में भारतीय सेना द्वारा लोगों को बचाने में बड़ा योगदान दिया गया है। इस मौके पर टाइगर डिवीजन के चिनाब ब्रिगेड की ओर से चलाए आपरेशन के अंतर्गत उफनती चिनाब और तवी से लोगों की जान को बचाने के लिए भारतीय सेना के जवानों ने अपनी जान तक दांव पर लगा दी।
सेना ने न सिर्फ लोगों की जान बचाई, बल्कि उन्हें खाना और दवाईयां भी दीं। चिनाब ब्रिगेड के जवानों ने बाढ़ का पानी घटते ही सड़कों, पुलियों और संचार व्यवस्था को स्थापित करने का काम शुरू कर दिया गया। सेना की ओर से तीन सितंबर से ही लोगों की जान और माल की रक्षा के लिए अभियान शुरू कर दिया था। सेना के जवानों ने अर्ध सैनिक बलों और सिविल प्रशासन के साथ मिल कर दिन-रात लोगों की मदद की।
सेना के जवानों ने पांच-छह और सात सितंबर को चलाए बड़े अभियान में भारत-पाक सीमा पर अग्रिम चौकियों पर बाढ़ में फंसे सीमा सुरक्षा बल और सेना के करीब दो सौ जवानों को भी निकाला। सेना की ओर से मंडाल, मकवाल, मोलू, परगवाल, मढ़ और गखरियाल, जो कि पानी में समा गए थे, वहां से लोगों को निकालने में कामयाबी हासिल की। इन क्षेत्रों में सैकड़ों घर ध्वस्त हो गए।
इन गांवों में से दस हजार के करीब ग्रामीण बारिशों और बाढ़ से बेघर हो गए। सेना द्वारा करीब सौ गांवों से लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इसके अलावा परगवाल और गखरियाल में स्कूलों में ठहरे लोगों को खाना मुहैया करया। इसके अलावा नई बस्ती और मंडाल में बनाए राहत शिविरों में लोगों को खाना दिया गया।
सेना द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में मेडिकल कैपों को स्थापित कर बाढ़ प्रभावित लोगों को दवाइयां दी। सेना के इंजीनियरों ने बाढ़ का पानी घटते ही ग्रामीण सड़कों, पुलियों और संचार व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया है।