इसके बाद 15 अगस्त को श्री अमरेश्वर मंदिर, दश्नामी अखाड़ा श्रीनगर में छड़ी स्थापना की रस्म होगी। महंत दीपेंद्र गिरि के अनुसार, नाग पंचमी के अवसर पर 17 अगस्त को दश्नामी अखाड़ा में पारंपरिक छड़ी पूजन किया जाएगा।
पवित्र छड़ी 22 अगस्त को श्री अमरनाथ गुफा के लिए मुख्य यात्रा पर रवाना होगी। 22 और 23 अगस्त को पहलगाम 24 अगस्त को चंदनवाड़ी, 25 अगस्त को शेषनाग तथा 26 और 27 अगस्त को पंचतरणी में रात्रि विश्राम होगा। 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर पवित्र गुफा में पूजा और दर्शन के साथ छड़ी मुबारक यात्रा का समापन होगा।
इस बीच प्रशासन ने 9 अगस्त से अमरनाथ गुफा की ओर जाने वाले दोनों मार्गों पर यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी है। अधिकारियों के मुताबिक हाल की बारिश के कारण कुछ संवेदनशील हिस्सों में रास्तों की मरम्मत और रखरखाव जरूरी हो गया है। सीमा सड़क संगठन की ओर से ट्रैक की मरम्मत का काम किया जा रहा है। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में खराब मौसम की संभावना जताई है।
कश्मीर के मंडलायुक्त अंशुल गर्ग ने बताया कि छड़ी मुबारक पारंपरिक पहलगाम मार्ग से जाएगी और 28 अगस्त को वर्ष 2026 की अमरनाथ यात्रा का औपचारिक समापन होगा।
इस वर्ष 3 जुलाई से शुरू हुई 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा में अब तक 4.8 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सुरक्षा के मद्देनजर समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। दोनों मार्गों पर यात्रा स्थगित होने के बाद बालटाल मार्ग पर लगाए गए लंगर भी समेटे जा रहे हैं।