राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने पंजाब और जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा द्वारा संचालित नारको टेरर नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दो व्यक्तियों को गिरफ्तार करने से संबंधित एक मामले में आरोप पत्र पेश किया। एसआईए ने जम्मू-कश्मीर के मोहम्मद रफीक खान व पंजाब के गुरपाल सिंह के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। दोनों पाकिस्तान में लश्कर के हैंडलर्स के इशारे पर पंजाब व जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क चला रहे थे। जांच में लश्कर-ए-ताइबा के पाकिस्तानी एजेंटों द्वारा पंजाब और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में सरकारों को अस्थिर करने की सुनियोजित साजिश का खुलासा हुआ है।
आरोपपत्र के अनुसार इस सूचना पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी कि राजोरी के पंचग्राई का मोहम्मद रफ ीक खान अवैध रूप से एलओसी पार गतिविधियों में शामिल था और वर्तमान में कोटली पीओके में रहने वाले आईएसआई एजेंट अब्दुल हमीद खान के संपर्क में था। वह सोशल मीडिया एप्लिकेशन और वीओआईपी के माध्यम से राजोरी और पुंछ जिलों में रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों से संबंधित जानकारी लगातार साझा कर रहा था।
रफीक खान ने अपने पाकिस्तानी आका हमीद खान के निर्देश पर संगरूर पंजाब के दर्शन सिंह के खाते में 10 हजार रुपये जमा कराए थे। दर्शन सिंह का खाता नंबर रफीक खान को पंजाब निवासी गुरपाल सिंह ने मुहैया कराया था। उन्होंने कहा कि गुरपाल सिंह की आपराधिक पृष्ठभूमि है। संगरूर जेल में बंद पाकिस्तानी नागरिक साजिद बुखारी के साथ उसके दोस्ताना संबंध थे। चूंकि गुरपाल सिंह को पैसे की जरूरत थी। इसलिए उसकी रिहाई के बाद साजिद बुखारी ने गुरपाल को हमीद खान और अन्य पाकिस्तानी आकाओं से मिलवाया।
अवैध रूप से सीमा पार करने के लिए दिए थे 10 हजार
रफीक खान पाकिस्तान में आतंकवादी रैंक में शामिल होना चाहता था। इसके लिए उसने वाघा सीमा के माध्यम से पार करने का भी प्रयास किया, लेकिन उसे भारतीय आव्रजन अधिकारियों ने रोक दिया। वह बाड़ के माध्यम से अवैध रूप से पार करने की भी योजना बना रहा था। उसने अपना विश्वास हासिल करने के लिए हमीद खान के साथ भारत के रणनीतिक दृष्टि से संवेदनशील एलओसी के स्थानों का एक वीडियो साझा किया था। उसने कांगा गली के माध्यम से पाकिस्तान में अवैध रूप से दाखिल कराने के लिए दर्शन सिंह को 10 हजार रुपये हस्तांतरित किए। जांच के दौरान पर्याप्त डिजिटल सबूत सामने आए हैं जिसमें गुरपाल सिंह और कई अन्य पाकिस्तानी हैंडलर भारत विरोधी और खालिस्तानी सामग्री साझा कर रहे हैं।
चिट्टा की बिक्री से मिले पैसों का इस्तेमाल युवाओं को बरगलाने में
गुरपाल सिंह के फोन से बरामद हमीद खान की सोशल मीडिया चैट और ऑडियो क्लिप से पता चलता है कि उसने गुरपाल सिंह को अधिकतम लाभ कमाने के लिए पंजाब में चिट्टा (हेरोइन) की बिक्री का पाठ पढ़ाया था। इसी पैसे का उपयोग युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और अपने निजी खर्चों को पूरा करने के लिए करना था। बातचीत में विशेष रूप से उल्लेख किया गया कि राजोरी में डिलीवर होने पर चिट्टा 14 लाख रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध है और पंजाब में 60-70 लाख रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा सकता है। अधिकारी ने बताया कि गुरपाल सिंह के मोबाइल फ ोन से पिस्तौल की व्यवस्था के संबंध में बातचीत भी मिली है।
खालिस्तान से जुड़े तथ्य मिले मोबाइल फोन से
गुरपाल सिंह के मोबाइल फ ोन से प्राप्त व्हाट्सएप चैट-वॉयस नोट्स में पाकिस्तान जिंदाबाद और खालिस्तान जिंदाबाद, असली मजा तो तब आएगा जब खालिस्तान बनेगा, पूरी दुनिया की सरकारें हमारे साथ हैं सिवाय घटिया देश हिंदुस्तान और हिंदुस्तान की सरकार जैसी सामग्री भी थी। पाकिस्तानी आकाओं ने अलगाववादी विचारधारा और राष्ट्रविरोधी भावनाओं को फैलाने के लिए गुरपाल सिंह को उकसाया था। जांच के लिए पाकिस्तान के केंद्रीय प्राधिकरण को पत्र लिखा गया है।