पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पैदा हुए तनाव से सबसे ज्यादा सीमांत इलाके के किसान चिंतित हैं। सीमांत इलाकों में लगी धान और मक्की की फसल काटना किसानों के लिए चुनौती बन गया है। कुछ इलाकों में फसल तैयार है। कुछ इलाकों में अगले पंद्रह दिन में तैयार हो जाएगी।
हजारों हेक्टेयर एरिया ऐसा है, जो बार्डर के अधीन आता है। लखनपुर से लेकर पुंछ के मंडी तक किसान भयभीत हैं। अक्सर फसल पकने और लगाने के समय तनाव की स्थिति बन जाती है।
जानकारी के अनुसार जम्मू संभाग में 165 किलोमीटर लंबी एलओसी और इंटरनेशनल बार्डर पर तारबंदी है। इंटरनेशनल बार्डर के तीन जिलों जम्मू, सांबा और कठुआ में 30 हजार हेक्टेयर पर धान की फसल खड़ी है। कुछ जगह धान पक चुकी हैं, कुछ में अगले पंद्रह दिन में पक जाएगी।