नवरात्र के साथ महायज्ञ का भी समापन हो गया। रविवार को प्रतिदिन की तरह हवन सुबह माता की आरती के बाद शुरू हुआ। इसमें श्राइन बोर्ड के सीईओ समेत बोर्ड के पुजारी और अन्य सेवक मौजूद रहे।
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से चैत्र नवरात्र के दौरान विश्व कल्याण के लिए शतचंडी महायज्ञ का रविवार को समापन हुआ। रामनवमी के अवसर पर माता के भवन में वैदिक मंत्रों के साथ यज्ञ में पूर्णाहुति डाली गई। इस दौरान श्राइन बोर्ड के सीईओ रमेश कुमार भी मौजूद रहे।
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चैत्र नवरात्र के दौरान श्राइन बोर्ड ने भवन को भव्य रूप से सजाया था। भवन, अटका और इसके आसपास के क्षेत्र के साथ यात्रा के सभी मार्ग और आसपास की इमारतों को देश-विदेश से लाए गए विभिन्न किस्मों के उत्कृष्ट फूलों से सजाया गया था। साथ ही भवन क्षेत्र में स्वागत द्वार व पंडाल भी बनाया गया।
पूरे भवन क्षेत्र में आकर्षक रंग-बिरंगी लाइटें लगाई गई थीं। इसी के बीच नवरात्र शुरू होने के साथ शतचंडी महायज्ञ शुरू हुआ था। नवरात्र के अवसर पर शतचंडी महायज्ञ हर वर्ष विश्व में शांति, समृद्धि और मानवता के स्वास्थ्य के लिए आयोजित होता है। इसमें नौ दिनों तक माता की उपासना की जाती है।
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अंत में नवरात्र के समापन का साथ यह महायज्ञ भी संपन्न होता है। रविवार को प्रतिदिन की तरह हवन सुबह माता की आरती के बाद शुरू हुआ। इसमें श्राइन बोर्ड के सीईओ समेत बोर्ड के पुजारी और अन्य सेवक मौजूद रहे। सुबह करीब नौ बजे शुरू हुआ महायज्ञ दोपहर करीब दो बजे पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ।
यज्ञ में मौजूद लोगों ने विश्व की शांति, लोगों के निरोगी होने और उन्हें सद्बुद्धि देने के लिए प्रार्थना की गई। इसके उपरांत प्रसाद वितरण किया गया। इस महायज्ञ का सीधा प्रसारण टीवी पर एमएच वन चैनल पर किया गया था।