अमरनाथ यात्रा के आखिरी पड़ाव में छड़ी मुबारक घाटी के विभिन्न मंदिरों में पहुंच रही है। साधु संतों और अन्य श्रद्धालुओं के साथ छड़ी मुबारक निरंतर आगे बढ़ेगी।
मंगलवार को अमावस्या पर दशनामी अखाड़े के महंत दीपेंद्र गिरि की अध्यक्षता में छड़ी मुबारक भगवान शंकर की पूजा करने गोपाद्री पर्वत पर स्थित शंकराचार्य मंदिर गई। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ रियासत में शांति की कामना की गई।
पूजा अर्चना के बाद छड़ी मुबारक दशनामी अखाड़ा श्रीनगर लौट आई। यहां से बुधवार सुबह हरि पर्वत स्थित मां शारिका के मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी।
वर्ष 2004 में दीपेंद्र गिरि ने द ट्रू ट्रस्ट की स्थापना की थी। पिछले कई सालों से ट्रस्ट की ओर से अमरनाथ यात्रा पर आने वाले साधु संतों और अन्य श्रद्धालुओं के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
पांच अगस्त को छड़ी मुबारक की पूजा अर्चना और ध्वजारोहण होगा। घाटी के प्रसिद्ध मंदिरों और पारंपरिक पहलगाम ट्रैक पर विभिन्न धार्मिक स्थलों से होती हुई छड़ी मुबारक रक्षाबंधन पर पवित्र अमरनाथ गुफा में प्रवेश कर भगवान अमरेश्वर के हिमलिंग स्वरूप का पूजन करेगी।