सरकारी नौकरियों में कश्मीरी पंडितों की भर्तियों की राह आसान हो गई है। केंद्र सरकार ने इस मद की पूरी फंडिंग को मंजूरी दे दी है। जम्मू-कश्मीर सरकार के कोटे का खर्च भी अब केंद्र सरकार उठाएगी। रियासत सरकार ने आर्थिक संकट का हवाला देते हुए केंद्र से मदद की मांग की थी। इसे केंद्र ने स्वीकार कर लिया है।
इस निर्णय के बाद कश्मीर घाटी से विस्थापित लगभग 6000 कश्मीरी पंडित युवाओं को सरकारी नौकरियां उपलब्ध हो सकेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर के लिए 80,000 करोड़ के विशेष पैकेज के तहत भी कश्मीरी पंडितों के लिए विशेष प्रावधान किया है।
कश्मीरी पंडितों का पुनर्वास केंद्र के एजेंडे में प्राथमिकता पर है। गृह विभाग के सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार में 6000 कश्मीरी पंडित युवकों की भर्ती के लिए पहले यह प्रावधान तय किया था कि इसमें 50 प्रतिशत का खर्च केंद्र उठाएगा। इस तरह 3000 कश्मीरी पंडितों की भर्तियों के लिए केंद्र और 3000 पंडित युवकों के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार को खर्च वहन करना था। जम्मू-कश्मीर सरकार की मांग को स्वीकार करते हुए केंद्र ने इस मद की पूरी फंडिंग पर सहमति दे दी है।