केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री पीयूष गोयल ने आश्वासन दिया है कि बिजली के ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन नुकसान को कम करने के लिए केंद्र मदद करेगा। इस क्रम में केंद्र सरकार ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए व्यापक परियोजना तैयार करेगी। श्रीनगर दौरे पर पहुंचे पीयूष गोयल ने सोमवार को मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद से उनके निवास पर भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय राज्यमंत्री से कहा कि अवाम को क्वालिटी और सस्ती बिजली उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है।
पावर सेक्टर में सबसे कमजोर लिंक के मामले में केंद्र सरकार प्रभावशाली कदम उठाए, ताकि ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन में होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। गोयल ने कहा कि रियासती सरकार एक नोडल अफसर नियुक्त करे, जो ट्रांसमिशन सिस्टम से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के संपर्क में रहे। उन्होंने स्वीकार किया कि सिंधु जल संधि के कारण जम्मू-कश्मीर को होने वाला नुकसान काफी ज्यादा है।
मुख्यमंत्री ने दबाव बनाते हुए कहा कि ग्रामीण और शहरी घरों में लगातार बिजली प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार की दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना और आर-एपीडीआरपी योजना पर तेजी से काम हो। उन्होंने आग्रह किया कि लेह-कारगिल-श्रीनगर ट्रांसमिशन लाइन को शीघ्र पूरा किया जाए, जो रियासत के ऊर्जा क्षेत्र में अहम भूमिका निभाएगा। गुलमर्ग, पहलगाम और पत्नीटाप में अंडरग्राउंड केबल बिछाने के मुद्दे पर गोयल ने कहा कि रियासती सरकार डीपीआर बनाकर भेजे, उस पर इंटिग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम के तहत विचार किया जाएगा।
रियासत में पर्यटन को प्रोत्साहन देने के संबंध में पीयूष ने संकेत दिया कि वह मंत्रालय के अधीन आने वाले सभी पीएसयू को निर्देश देंगे कि गुलमर्ग को ध्यान में रखते हुए बोर्ड मीटिंग करें। केंद्रीय राज्यमंत्री के नेतृत्व में पहुंची केंद्र की टीम उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह से भी मिलेगी, जिनके पास बिजली विभाग भी है।
रियासत का विशेष दर्जा बरकरार रहे
मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने केंद्र सरकार से कहा है कि केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं में जेएंडके से विशेष दर्जे वाले राज्य की तरह व्यवहार किया जाए। नीति आयोग केंद्रीय योजनाओं में फंड के मानदंडों का पुनरीक्षण कर रही है। उन्होंने केंद्र से मांग की है कि 90-10 के औसत को बरकरार रखें। ताकि पिछले 25 सालों से कठिन सुरक्षा माहौल से गुजर रही रियासत को लाभ मिल सके।
वे सोमवार को केंद्रीय योजनाओं को लेकर बडगाम में आयोजित तीन दिवसीय सार्वजनिक सूचना शिविर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि योजनाओं और रियासत की जरूरतों में तालमेल बनाकर काम करें। कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन जैसी योजनाओं की अनदेखी नहीं कर सकते। क्योंकि इसी आधार पर प्रदेश का विकास होना है।