कश्मीर में इस्लामिक स्टेट (आईएस) और पाकिस्तान के झंडे बार-बार लहराए जाने पर केंद्र सरकार गंभीर है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के जम्मू- कश्मीर सेल ने इस बाबत मुफ्ती मोहम्मद सरकार से अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा तलब किया है।
पांच महीने में घाटी में पाकिस्तान और आईएस के झंडे लहराने की दो दर्जन से अधिक घटनाएं हुईं हैं। खास मौकों पर ऐसे झंडे लहराने पर अलगाववादी मसर्रत आलम और दुख्तरान-ए-मिल्लत की आसिया अंद्राबी की तो गिरफ्तारी हुई, लेकिन, ऐसी हरकत करने वाले युवकों को अब तक नहीं पकड़ा गया है।
सुरक्षा एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को युवकों के उस समूह का पूरा ब्योरा उपलब्ध करा दिया है जो आईएस और पाकिस्तान के झंडे लहराने की घटनाओं में शामिल रहे हैं। झंडे लहराते वक्त युवकों का चेहरा नकाब से ढंका रहता है लेकिन जम्मू और कश्मीर के गृह विभाग और पुलिस के पास भी उनके बारे में पूरा ब्योरा मौजूद है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस इस समूह में 12 युवकों के शामिल होने की बात कहती रही है लेकिन गृह मंत्रालय को मिली रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे तीन ग्रुप हैं जिनमें 30 से अधिक युवक हैं। इन समूहों का संबंध अल जेहाद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन से है।