जम्मू-कश्मीर की मुख्य विरोधी पार्टी पीडीपी के संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद सईद ने जम्मू-कश्मीर सीमा विवाद को निपटाने के लिए केंद्र सरकार के दखल की मांग की है।
अनंतनाग में एक सभा को संबोधित करते हुए मुफ्ती ने कहा, केंद्र सरकार से कश्मीर समस्या के समाधान करने की पहल करते हुए सभी तबकों को इसमें शामिल करना चाहिए।
सईद ने कहा, आगामी विधानसभा चुनाव रियासती अवाम का सियासी इम्तिहान हैं। यह चुनाव रियासत में ऐतिहासिक तब्दीली लाने वाले होंगे।
'हम दूर करेंगे अवाम की तकलीफ'
मुफ्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वह कश्मीर मसले के समाधान के लिए जल्द पहल करें। वक्त का तकाजा है कि जम्मू कश्मीर में पूर्ण बहुमत वाली सरकार बने, उसके लिए पीडीपी बेहतर विकल्प है।
उन्होंने अवाम को विश्वास दिलाया कि वह उन्हें पूर्ण बहुमत दें, वह अवाम की हर दलील और तकलीफ दूर करने की पहल करेंगे। अवाम ने अगर पूर्ण बहुमत दिया तो केंद्र सरकार के अलावा पूरा देश रियासती अवाम की सुनेगा।
पीडीपी नेता ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आज सियासी बदलाव की जरूरत है। पीडीपी का इरादा है कि अवाम को एक बेहतर और जिम्मेदार सियासी निजाम मुहैया कराया जाए।
'नेकां-कांग्रेस रियासत का काला अध्याय'
नेकां-कांग्रेस साझा सरकार के साढ़े पांच साल के कार्यकाल को मुफ्ती ने अवाम के लिए काला अध्याय करार दिया।
मुफ्ती मोहम्मद सईद ने उम्मीद जताई कि पूर्ण बहुमत से प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और डॉ. मनमोहन सिंह कश्मीर संबंधी नीति को आगे अवाम हित में बढ़ाएंगे।
इससे साउथ एशिया में अमन की बुनियाद मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि कश्मीर मसले के समाधान के लिए कश्मीर के विभिन्न तबकों के अलावा पाकिस्तान से भी बातचीत शुरू की जाए।
पीडीपी इस संबंध में मध्यस्थ की भूमिका का निर्वाह करना जारी रखेगी। इस मौके पर एडवोकेट जावेद शेख, जावेद अहमद सथु, गुलाम अहमद ठाकुर, इमरान अमीन शाह आदि मौजूद रहे।