पीडीपी ने कश्मीर में 2016 में बिगड़े माहौल के दौरान पत्थरबाजी की घटनाओं में शामिल युवाओं के केसों को वापस लेने को सुलह की तरफ बड़ा कदम बताया है। जम्मू पार्टी मुख्यालय में शुक्रवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरताज मदनी ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि जम्मू कश्मीर राज्य को असमंजस की स्थिति से बाहर निकाला जा सके।
2016 में खराब रहे हालात सरकार और मुख्यमंत्री महबूबा के लिए दर्दनाक रहे। सुलह, वार्ता और विकास से मसलों का हल हो सकता है। उन्होंने कहा कि पीडीपी जन आकांक्षाओं पर खरा उतर रही है और बड़े कदम उठाकर लोगों के मसलों का हल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा मुख्यमंत्री बनने के लिए महबूबा मुफ्ती ने तीन महीने का समय लिया और इस अवधि के दौरान जम्मू कश्मीर राज्य के लिए संवेदनशील सभी मुद्दों पर चर्चा की गई और केंद्र सरकार के आश्वासन के बाद ही उन्होंने पद संभाला। उन्होंने विश्वास से परिपूर्ण गठबंधन से हालात में सुधार लाने में मदद मिल रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा की केंद्र सरकार की तरफ से नियुक्ति बेहतर परिणाम देगी। उन्होंने सभी से अपील की कि वह शांति की दिशा में सहयोग करें ताकि भारत और पाकिस्तान आपसी विश्वास और मित्रता की मूल्य को समझे।