जिले की 445 स्कूली इमारतों का समय पर निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के मामले पर डीसी ने कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने दोषी विलेज एजूकेशन कमेटी (वीईसी) और अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए।
आदेश के अनुसार मूल्यों में बढ़ोतरी, महंगी ढुलाई और जमीन विवादों के कारण 2007-08 से 445 स्कूलों में अतिरिक्त क्लास रूम, हेडमास्टर रूम, प्राइमरी स्कूल बिल्डिंग का मनरेगा के तहत काम नहीं हुआ है। इसलिए संबंधित क्षेत्रों के थाने में 57 वीईसी और अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किए जाएंगे।
डीसी डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी के अनुसार मनरेगा के तहत 80 और इमारतों का भी निर्माण किया जाएगा। पिछले दो से आठ साल तक फंड खर्च नहीं किया गया। कई जगह पर स्कूलों की इमारतों का काम शुरू भी नहीं हुआ है।
सही समय पर फंड खर्च नहीं कर अधिकारियों और कमेटी ने घोर लापरवाही बरती है। सबसे अधिक ग्रामीण क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। काम सही समय पर शुरू नहीं होने के कारण उसका खर्च बढ़ गया।
पिछले तीन महीने की लंबी एक्सरसाइज के बाद इसका रहस्योद्घाटन हुआ कि इमारतों का निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हुआ। डीसी ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत 109.65 लाख खर्च करके 60 कमरों का मनरेगा के तहत निर्माण करने के आदेश दिए।