जम्मू-कश्मीर राज्य के भारत में विलय के साक्षी और अंतिम डोगरा शासक महाराजा हरि सिंह के सबसे करीबी एडीसी 92 वर्षीय कैप्टन दीवान सिंह को मंगलवार को सम्मान के साथ जोगीगेट शमशानघाट में पंचतत्व में विलीन किया गया। इस दौरान सिंह को सेना ने भी सम्मान दिया।
उनकी अंतिम यात्रा में महाराजा के परिवार के सदस्यों के अलावा सियासी नेता, प्रशासनिक अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक पहुंचे। स्व. दीवान सिंह की अंतिम यात्रा को उनके मांडा स्थित निवास से शुरू किया। उनके पार्थिव शरीर को नागबनी स्थित महाराजा हरि सिंह एग्रीकल्चरल कालेजिस्ट (एमएचएसी) स्कूल में ले जाया गया, जहां महाराजा की प्रतिमा के आगे प्रदक्षिणा की गई।
जोगीगेट शमशानघाट पर उनके पार्थिव शरीर के पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में उनके चाहने वाले पहुंच गए थे। हालत यह थी कि शमशानघाट से लेकर गुज्जर नगर और तवी पुल पर वाहनों का जमावड़ा लगा हुआ था। शाम को सम्मानपूर्वक उन्हें अंतिम विदाई देकर पंचतत्व में विलीन किया गया।
इस दौरान दीवान सिंह अमर रहे के जयघोष लगाए गए। इस मौके पर अजात शत्रु, सांसद जुगल शर्मा, पूर्व सांसद लाल सिंह, विधायक अशोक खजूरिया, विधायक सुखनंदन चौधरी, नेकां के संभागीय प्रधान देवेंद्र राणा, पीडीपी नेता विक्रमादित्य आदि मौजूद रहे।