अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने लाल आतंक के खिलाफ मंगलवार को नेशनल यूनिटी मार्च निकाला। कार्यकर्ता केरल में छात्रों की हत्या का विरोध कर रहे थे। अपने हाथ में तिरंगा लिए इन कार्यकर्ताओं ने लाल आतंक के खिलाफ नारे भी लगाए। मार्च जम्मू विश्वविद्यालय गेट से शुरू होकर तवी पुल स्थित महाराजा हरि सिंह स्मारक पहुंचकर संपन्न हुआ।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केरल में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की लगातार हो रही हत्याओं पर राष्ट्रपति से संज्ञान लेने और इस संबंध में केंद्र और राज्य सरकारों को आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया। कहा कि तभी केरल में लाल आतंक समाप्त होगा और लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ सुकून से रह सकेंगे। कहा कि ऐसे राज्य में जहां एसएफआई एक बड़ी ताकत है, वहां मेल न खाने वाली विचारधारा के छात्रों को गतिविधियों से रोका जा रहा।
शिक्षकों और शिक्षा विदें पर हमले जारी हैं। ऐसा पिछले 8 माह से हो रहा है। कहा कि वहां केलोगों को भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देश के किसी भी अन्य नागरिक जितनी है, लेकिन उसका लगातार हनन हो रहा है। 11 नवंबर को चलो केरल मार्च की भी कार्यकर्ताओं को जानकारी दी। इस दौरान सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्म दिवस पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का भी स्मरण किया गया। मौके पर परिषद की राज्य सचिव वर्षा जंडियाल, पीयूष खजूरिया, अभिनव, सोनाली, सुयश, नितिश, शुभम लंगर, कनिका, सांभवी, सोनिका, सनी, जीके हरविंदर, दिव्यांश, आकाश और अक्षय आदि मौजूद रहे।