कश्मीर की व्यापारिक कमेटी ने आज बजट से पहले विचारविमर्श के लिए वित्त मंत्री हसीब द्राबू के साथ होने वाली बैठक का बहिष्कार कर दिया है।
कमेटी का मानना है कि सरकार प्रदेश के बाढ़ प्रभावित लोगों और व्यापारियों को पुनर्वास करने में विफल हो गई है, जिसके विरोध में कमेटी ने ये फैसला लिया है।
ट्रेडर्स संघ के साथ संयुक्त बैठक में कमेटी ने पीडीपी के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए द्राबू के साथ होने वाली इस बैठक का बहिष्कार किया है।
कश्मीर चैंबर ऑफ कामर्स और इंडस्ट्री के सीनियर वाइस प्रेजीडेंट गोहर मकबूल ने कहा कि बीजेपी के साथ गठबंधित सरकार 2014 में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता करने में विफल रही है।
ट्रेड कमेटी की संयुक्त बैठक में ये बात उन्होंने पत्रकारों से कही। वित्त मंत्री के साथ ये दो दिवसीय बैठक आज से शुरू होनी थी। मकबूल ने हा कि जम्मू कश्मीर सरकार ने रियासत के लोगों को मायूस किया है और ऐसे में वित्त मंत्री के साथ बैठक करने का कोई औचित्य नहीं बनता है।
बाढ़ पीड़ितों की मदद न होने से निराश
बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता की बात कहने पर ही सरकार पॉवर में आई लेकिन सरकार की मदद नहीं होने से कश्मीरी ने बहुत कुछ खो दिया है।
कुछ भी सरकार के द्वारा नहीं किया गया है। उन्होंने सिर्फ वादे किए हैं लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि हमें नहीं लगता है कि सरकार के विफल होने के बाद इस बैठक के कोई मायने हैं।
फेडरेशन चैंबर ऑफ इंडस्ट्री कश्मीर के सीनियर वाइस प्रेजीडेंट अफताब अहमद ने कहा कि सरकार साथ ही लोगों को रोजगार देने और बिजली देने में भी विफल रही है। साथ ही इंडस्ट्री बिना बिजली के चल रही हैं। हमें क्या करना पड़ेगा? जब स्थिति सुधर नहीं रही है और हम अब अपनी इंडस्ट्री पर ताले जड़ेगे और सचिवालय पर चाबियां फेंकेंगे।
जिन संघों ने इस बैठक का बहिष्कार किया है, उसमें केसीसीसीआई, कश्मीर टे्डर्स एंड मैन्यूफेक्चर फेडरेशन, कश्मीर इकॉनोमिक एलाइंस, कश्मीर होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन, कश्मीर होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर फेडरेशन, हाउस बोट ऑनर एसोसिएशन, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन एंड फ्रूट ग्रोवर्स एसोसिएशन शामिल हैं।