जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि 1965 में सदर-ए-रियासत पद को राज्यपाल के रूप में बदलने का मामला राज्य के संविधान के खिलाफ था।
हालांकि उच्च न्यायालय ने गेंद सरकार के पाले में डालते हुए कहा कि यह विधानसभा तय करे कि राज्यपाल पद को बरकरार रखा जाए या फिर इसे फिर सदर-ए-रियासत बनाया जाए।
रियासत के संविधान की धारा 26 के अनुसार राज्य का प्रमुख (सदर-ए-रियासत) का चयन धारा 27 के प्रावधान के तहत किया जाना चाहिए। संविधान की धारा 27 के अनुसार राज्य के प्रमुख का चयन लोगों द्वारा चुने गए विधानसभा के सदस्य करेंगे।