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बस के साथ ही बह गया दूल्हे का पूरा परिवार

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राजोरी के नौशेरा में 65 बारातियों से भरी एक बस नाले में बह गई। इसमें सवार करीब 60 लोगों के नहीं बचने की आशंका है। बस में सवार तीन लोगों ने जैसे तैसे अपनी जान बचाई, जिन्होंने बस बहने से पहले छलांग लगा दी। शाम सात बजे घटनास्थल से दो किलोमीटर दूर कनारा गांव से ड्राइवर लवली शर्मा सहित तीन शव बरामद हुए। बाकी के लोग और बस का कोई अता पता नहीं। पुलिस, सेना और जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर हैं। बारिश जारी रहने से बचाव कार्य शुरू नहीं हो पाया। बस में दूल्हा, उसकी बहन, भाई और माता भी सवार थे।
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जानकारी के अनुसार नौशेरा के पाटा क्षेत्र से लाम के लिए एक बस नंबर जेके 02 एके 9075 बारातियों को लेकर वीरवार सुबह 9 बजे निकली। राजपुरा कलीमा के पास बस एक नाले से गुजरने लगी। बीच पुल गाड़ी फंसी तो तेज बहाव के चलते ड्राइवर बस पर नियंत्रण नहीं कर सका और वह पलटकर नाले में गिर गई। करीब 30 फुट गहरे नाले में गिरकर बस लापता हो गई। सिर्फ तीन युवकों ने बस के पलटने से पहले छलांग लगा दी और पानी में तैरते हुए बाहर आ गए।

अपनी गाड़ी छोड़ बस में सवार हुआ था दूल्हा

बस के बहते ही सूचना स्थानीय लोगों तक पहुंची और फिर प्रशासन के पास। सेना और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची, लेकिन तेज बहाव और खराब मौसम के चलते बचाव कार्य शुरू नहीं हो पाया। करीब 12 बजे राजोरी के डीसी जतिंदर सिंह, एसएसपी मुब्बसर लतीफी सहित कई अधिकारी टनास्थल पर पहुंचे, लेकिन खराब मौसम के चलते लौट आए। देर शाम तक सेना तथा पुलिस मौके पर डटी रही।

दूल्हे सुखविंदर सिंह पुत्र भगत सिंह को मौत ही खींचकर बस में ले गई। वह आल्टो कार में सवार था। रास्ते में जगह जगह पानी होने के चलते गाड़ी का चलना संभव नहीं हो रहा था, इसलिए वह भी बस में बैठ गया। घटना के बाद सारा दिन पाटा का क्षेत्र कटा रहा। नाले के ऊपर बने पुल पर देर रात तक तेज बहाव के सात पानी बह रहा था। इसकी वजह से कोई वाहन इसके आर पार नहीं हो सका। सारे दिन आवाजाही बंद रही।
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राजोरी ने 60 वर्ष बाद देखी इतनी बारिश

बारिश का कहर वीरवार को भी बरपा। पिछले 72 घंटे से लगातार हो रही बारिश ने पूरे जिले में तबाही मचा कर रख दी है। नदी नालों के उफान पर आ जाने से सामान्य जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। कई इलाकों में कच्चे मकान गिरने की खबर है। कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि कई लोगों को सुरिक्षत बाहर निकाल लिया गया है। राजोरी, पुंछ, जम्मू मार्ग पर जगह जगह पस्सियां गिरने से दिनभर यातायात वाधित रहा। वीरवार को हुई बारिश से शहर की बेला कालोनी और नाबन कालोनी में करीब 150 घरों में पानी घुस गया।

बुद्धल इलाके में 4 पक्के मकान गिर गए, जिसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन घरों में पड़ा सामान टूट गया। जिले के थन्नामंडी, बुद्धल, दरहाल, मांजाकोट में करीब 300 कच्चे मकान गिरने, दो दर्जन आटा मक्की पीसने वाल कराट के बह जाने की भी खबर है। वीरवार को ही दोपहर करीब 1 बजे शहर के खांडली पुल के नीचे 17 लोग बाढ़ में फंस गए, जिन्हें पुलिस ने बचा लिया और सुरिक्षत जगहों पर पहुंचाया। मौसम विभाग की मानें तो राजोरी जिले में 60 वर्ष के बाद इतनी बारिश हुई है। 72 घंटे में राजोरी जिले में करीब 500 एमएम बारिश हुई। जून, जुलाई और अगस्त तीनों माह को मिलाकर भी इतनी बारिश नहीं हुई है।

नारिया के पास एक दुघर्टनाग्रस्त ट्रक भी पानी में बह गया। ट्रंक नदी के बीचों बीच पहुंच गया, जिसका लगभग 90 फीसदी हिस्सा पानी में डूब चुका था। देर शाम तक ट्रंक दिखाई दे रहा था, जो एक बड़े पत्थरों के बीच फंसा हुआ था। वहीं वीरवार को बाढ़ में फंसे कई लोगों को सेना ने बचाया। जिले के थन्नामंडी के बहरोट क्षेत्र में इफतयार चौधरी 45 वर्षीय व्यक्ति नदी में फंस गया। जिसे सेना की रोमियो फोर्स के जवानों ने बचा लिया। वहीं द्राबा क्षेत्र में जहांगीर अहमद और जुल्फीकार अहमद भी नाले में फंस गए, जिन्हें सेना के जवानों ने बचा लिया। सेना की ओर से बारिश की वजह से बेघर हुए लोगों और बारिश की वजह से प्रभावित लोगों को खाना भी पहुंचाया जा रहा है।
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