दस साल में पंजाब के गुरुदासपुर में हुए सबसे बड़े आंतकी हमले ने सारे देश को हिलाकर रख दिया है। इस बीच हमले के दौरान एक वीरता के नमूना देखने को मिला गए। जिन्हें देखकर आप सलाम किए बिना नहीं रह सकते।
जिस वक्त ये हमला हुआ उस समय पंजाब रोडवेज की बस वहां से गुर रही थी जिस पर आतंकियों ने गोलियां बरसानी शुरु कर दी। अचानक बस पर हुए हमले से बस में बैठी सवारियां सकते में आ गई। लेकिन बस के ड्राइवर ने अपना धर्य नहीं खोया और बस से मौके निकाल ले गया।
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बस पर हुए इस हमले में लगभग तीन लोग घायल भी हुए, लेकिन बस का ड्राइवर बस में सवार 85 यात्रियों को सकुशल निकालने में सफल रहा। पंजाब रोडवेज की ये बस जंडियाल से चंड़ीगढ़ जा रही थी। बस को गुरुदासपुर में ही रोक दिया गया।
हमले में मरने के वालों की संख्या हो सकती थी कई गुना
यह घटना सुबह 5:30 के आस-पास की है। बस पर हुए हमले के बाद बस के ड्राइवर नानक चंद ने अपना साहस नहीं खोया और बस को पूरी गति से आतंकियों के बीच से निकल ले गए।
आतंकियों ने सबसे पहले गोली बस के ड्राइवर को मारी थी लेकिन नानक चंद को गोली नहीं लगी। जैसे ही आतंकी ने दूसरा फायर ठोंका नानक चंद ने होशियारी दिखाते हुए आंतकी को टक्कर मार दी। जिससे आंतकी गिर गया और नानक चंद गाड़ी को निकाल ले गए।
इसके बाद नानक चंद ने घायलों को गुरुदासपुर के आस्पताल में भर्ती करवाया और हमले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। अगर बस पर आतंकियों को कब्जा हो जाता तो इस हमले में मरने के वालों की संख्या कई गुना तक हो सकती थी।
पंजाब रोडवेज अपने इस बहादुर ड्राइवर की सराहना की है। जिसने भी नानक चंद के इस वीरता के किस्से को सुना उन्हें बिना सलाम किए बिना नहीं रह सका।