आखिरकार पुलिस कर्मियों के लिए खरीदे जाने वाले बुलेट प्रूफ पटके कड़ी परीक्षा के बाद पास हो गए हैं। अब बुलेट प्रूफ जैकेट बची हैं, इसकी टेस्टिंग भी दो-तीन दिन में फाइनल हो जाएगी। करीब पांच बार टेंडरिंग होने के बाद अब जाकर इस पर कोई फाइनल राय बन सकी।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से राज्य गृह विभाग को आदेश जारी किया गया था कि एक हजार बुलेट प्रूफ जैकेट और पटके खरीदें, क्योंकि कंपट्रोलर आडिट जनरल (कैग) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि रियासत के आठ जिलों में पुलिस कर्मियों के पास बुलेट प्रूफ जैकेट और पटके नहीं हैं।
इसके बाद पुलिस ने एक हजार पटके और जैकेट खरीदने को टेंडरिंग की। पहली बार टेंडर करने के बाद जिस कंपनी को इसकी सप्लाई करने के लिए कहा गया, उसके सैंपल टेस्ट में फेल हो गए थे।
इसके बाद फिर से विभाग ने टेंडर कराया। अब तक पांच बार टेंडर हो चुका है। अब फिर से विभाग ने एक कंपनी को इसका टेंडर दिया था। इसमें पटकों की टेस्टिंग पास हो गई।
पुलिस विभाग के एआईजी प्रोविजन, जुनैद हैदर का कहना है कि पटकों का काम ओके हो चुका है। दो से तीन दिन में जैकेट भी ओके हो जाएगी। जल्द ही पुलिस कर्मियों तक यह पहुंच जाएंगी।
कैग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि आठ जिलों के 64 पुलिस थानों में 2865 पुलिस कर्मियों के पास बुलेट प्रूफ जैकेट और पटके नहीं हैं।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने गृह विभाग को फटकार लगाते हुए तुरंत इसकी खरीद करने को कहा था, लेकिन एक साल से भी ज्यादा समय होने के बाद भी अब तक यह नहीं खरीदी गई।