टिफिन बम मिलने से परिजनों में दहशत
आतंकी हमले के लिए टिफिन बम के इस्तेमाल की सूचना से बच्चों के अभिभावकों में दहशत का माहौल बन गया है। जिस तरह से कश्मीर घाटी में मासूम बच्चों तक को निशाना बनाया जा रहा है, ऐसे में जम्मू में टिफिन बम से आतंकियों के मंसूबे परिजनों के लिए नई चिंता का विषय बन गया है।
एक सप्ताह में दूसरी बार सीरियल ब्लास्ट करने की साजिश नाकाम
अमरनाथ यात्रा के काउंटडाउन के बीच आईईडी से सीरियल ब्लास्ट की दूसरी बड़ी साजिश नाकाम की गई है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि इन आईईडी से सीरियल ब्लास्ट किए जाने थे, जिनका इस्तेमाल जम्मू-पुंछ हाईवे या मंदिरों के शहर जम्मू में करने की साजिश थी।
जम्मू पुंछ हाईवे, अखनूर पुल, दोमाना सैन्य स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थल कानाचक क्षेत्र के नजदीक हैं। आशंका है कि यही स्थान निशाने पर रहे होंगे। एक हफ्ते के भीतर ड्रोन से स्टिकी बम भेजने की यह दूसरी कोशिश सामने आई है। दोनों ही बार पूरी तरह से तैयार की गई आईईडी भेजी गई। पहले कठुआ और अब कानाचक में। दोनों बार सीरियल ब्लास्ट करने की साजिश रची गई। लेकिन दोनों ही बार इनको लेने आने वालों का कोई पता नहीं चल पाया है। जो एक चिंता का विषय बना हुआ है। पुलिस आतंकियों के मददगारों की तलाश कर रही है, लेकिन हत्थे नहीं चढ़ पा रहे।
यात्रियों के दिल में भय पैदा करने का प्रयास
सीमा पार बैठे आतंकी संगठन कुछ कर नहीं पा रहे। इसलिए अब नई तकनीक से माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। अमरनाथ यात्रा से पहले आतंकी कुछ ऐसा करना चाहते हैं कि यात्रियों के मन में भय पैदा किया जा सके। लेकिन सीमा पर बीएसएफ का कड़ा पहरा है। ड्रोन की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
-रक्षा प्रवक्ता, जम्मू
चुनौती बड़ी है, लेकिन कर लेंगे सामना
सीमा पार से स्टिकी बम तैयार कर ड्रोन से भेजे जा रहे हैं। यह बड़ी चुनौती है लेकिन बीएसएफ सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए सतर्कता बरती जा रही है। इसी वजह से कोशिशें नाकाम हो रही हैं।
- एसपीएस संधु, पीआरओ, बीएसएफ, जम्मू