सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पिछले महीने जम्मू एवं कश्मीर से लगे अंतर्राष्ट्रीय सीमा की तरफ से घुसपैठ की 11 बार की गई कोशिशों को नाकाम किया। यह जानकारी बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।
अधिकारी ने जम्मू में आईएएनएस को बताया, 'पिछले 15 दिनों में अंतर्राष्ट्रीय सीमा की तरफ से हमारे इलाके में आतंकवादियों ने आठ बार घुसपैठ की कोशिश की, जबकि जनवरी में कुल 11 बार घुसपैठ की कोशिश की गई है।'
उन्होंने बताया, 'सभी घुसपैठ की कोशिशों को हमारे जवानों ने विफल कर दिया। सभी समूहों में छह से आठ भारी हथियारों से लैस लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी थे।'
अधिकारी ने कहा, 'अरनिया और आरएस पुरा सेक्टरों में पाकिस्तान की तरफ से की गई हालिया गोलाबारी के दौरान भी आतंकवादियों ने घुसपैठ की कोशिश की।'
जनवरी महीने में की 21 बार फायरिंग
अधिकारी ने बताया कि खूफिया सूचना के अनुसार, अगले कुछ दिनों में यह कोशिश फिर की जाएगी। अधिकारी ने बताया, 'हम आतंकवादियों को कड़ा जवाब देने और ऐसे घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने के लिए तैयार हैं।'
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान रेंजर्स की तरफ से की गई गोलीबारी का मुख्य उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय सीमा की तरफ से आतंकवादियों की घुसपैठ कराना रहा है। अधिकारी ने बताया कि इस साल जनवरी महीने में पाकिस्तान रेंजर्स ने जम्मू, सांबा और कठुआ में संघर्ष विराम का 21 बार उल्लंघन किया।
पाकिस्तान रेंजर्स की तरफ से अंधाधुंध गोलीबारी और मोर्टार दागे जाने के कारण पिछले महीने बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए थे और एक आम नागरिक की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए थे।
अधिकारी ने बताया, 'जनवरी, 2015 में सीमा पार से हुई गोलाबारी के कारण सीमा से लगे कई स्थानों में निजी और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।'