जम्मू-कश्मीर में राज्य विवाह सहायता योजना के पुनर्गठन को प्रशासनिक परिषद की मंजूरी मिल गई है। इसके तहत बीपीएल और अंत्योदय परिवार को बेटी की शादी के लिए मिलेंगे 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
जम्मू-कश्मीर सरकार अब अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) और प्राथमिकता घरेलू राशन कार्ड धारक (पीएचएच, बीपीएल) परिवार की बेटी के विवाह में 50 हजार रुपये (सिर्फ एक बार के लिए) की वित्तीय सहायता देगी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में प्रशासनिक परिषद ने राज्य विवाह सहायता योजना के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है।
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इस योजना में अब लाभार्थी के लिए प्रारंभिक शिक्षा को भी अनिवार्य किया गया है। शिक्षा संबंधी प्रावधान को प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने मार्च 2025 तक अतिरिक्त समय सीमा निर्धारित की है। सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि विवाह सहायता योजना का लाभ केवल एक ही बार मिलेगा। इसके लिए कानूनी रूप से विवाह योग्य उम्र, अविवाहित होने का प्रमाण और लाडली बेटी जैसी किसी अन्य योजना का लाभ न लेने की पुष्टि जरूरी होगी।
एक महीने पहले करना होगा आवेदन
इस निर्णय से लाखों परिवार इस लाभ के हकदार होंगे। इससे पूर्व यह लाभ केवल उन्हीं लड़कियों तक सीमित था, जिनका नाम समाज कल्याण विभाग के गरीब बालिका सर्वे से तैयार की गई सूची में शामिल था। प्रदेश सरकार ने राज्य सहायता योजना का पुनर्गठन किया है। लाभार्थी को सहायता लेने के लिए कम से कम एक महीने पहले संबंधित समाज कल्याण अधिकारी के पास आवेदन करना होगा। निर्धारित औपचारिकताएं पूरी होते ही सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर की जाएगी।