पीर मोहम्मद शफी को 90 के दशक की शुरुआत में आतंकवादियों ने मार दिया था। नेशनल कांफ्रेंस से जुड़े पीर मोहम्मद शफी, जडीबल से विधायक रहे। अगस्त 1991 में लाल बाजार में उनके आवास पर आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी।
श्रीनगर नगर निगम (एसएमसी) द्वारा डाउनटाउन के लाल बाजार के बोटशाह चौक का नाम बदलकर पीर शफी चौक रखे जाने के बाद लोगों ने इस फैसले का विरोध करना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि बिना सुझाव लिए एकदम से नाम बदल दिया गया है।
लोगों का कहना है कि इस चौक का नाम सूफी संत बोटशाह साहिब के नाम पर था। गौरतलब है कि एसएमसी ने सोमवार को आम परिषद की बैठक में लाल बाजार क्षेत्र के बोटशाह मोहल्ला चौक का नाम बदलकर पीर शफी चौक करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया था।
जिसके अनुसार परिषद ने प्रसिद्ध नेता पीर मोहम्मद शफी की याद में चौक का नाम बदलने का फैसला किया। पीर मोहम्मद शफी को 90 के दशक की शुरुआत में आतंकवादियों ने मार दिया था। बता दें कि नेशनल कांफ्रेंस से जुड़े पीर मोहम्मद शफी, जडीबल से विधायक रहे। अगस्त 1991 में लाल बाजार में उनके आवास पर आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी।