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J&K: पुलवामा से अपहरण किए गए जवान की हत्या, क्षत-विक्षत अवस्था में शव बरामद

Thu, 14 Jun 2018 11:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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औरंगजेब - फोटो : फाइल फोटो
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आपरेशन समीर टाइगर के हीरो  फौजी औरंगजेब का आतंकियों ने वीरवार को अपहरण कर उसकी निर्मम तरीके से हत्या कर दी। उसका शव अपहरण वाले स्थान से लगभग आठ किलोमीटर दूर गुसू गांव से घटना के लगभग 12 घंटे बाद बरामद किया गया।
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शव गोलियों से छलनी तथा चेहरा क्षत विक्षत था। ऐसा माना जा रहा है कि गोलियां मारने के बाद पत्थर से उसके चेहरे को कुचला गया है। घटना के बाद पुलवामा जिले के हर गांव में सर्च आपरेशन चलाया गया। खासकर आतंकियों के घर में गहन छानबीन की गई।

आतंकी समीर को ढेर करने वाले मेजर शुक्ला की टीम में पुंछ का यह बहादुर जवान शामिल था, जिसने कई बड़े आपरेशनों को अंजाम दिया था। ईद की छुट्टी पर घर जाने के निकले औरंगजेब का आतंकियों ने पुलवामा से अपहरण कर लिया था। उसकी तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च आपरेशन चलाया गया है। 
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तीन आतंकियों ने किया था गाड़ी रोक कर अगवा
सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) का जवान औरंगजेब पुंछ के सबलारी सलानी मेंढर का रहने वाला था। वीरवार को अपने यूनिट से छुट्टी पर निकला था। शादीमर्ग में स्थित 44 आरआर के कैंप के बाहर उसके साथी ने एक प्राइवेट गाड़ी को हाथ दिया और ड्राइवर से औरंगजेब को शोपियां तक छोड़ने के लिए कहा। पुलवामा जिले के कलमपोरा इलाके के पास सुबह लगभग 10 बजे यह गाड़ी पहुंची तो 2 से 3 हथियारबंद आतंकियों ने गाड़ी को रोका और जवान को अगवा कर साथ लेते गए।।
 

गोली मार कर की गई है हत्या
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक जवान की हत्या गोलीमार कर हुई है। हालांकि कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं जिनमें जवान का शरीर क्षत-विक्षत अवस्था में दिखाई दे रहा है। आशंका जताई जा रही है कि पत्थरों से भी जवान को मारा गया है। पुलिस ने शव की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है। 

terrorist - फोटो : DEMO PHOTO
सूत्रों की मानें तो इस जवान को अगवा करने के पीछे नाजनीनपोरा शोपियां के आतंकी सैय्यद नवीद और उसके साथियों का हाथ है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। नवीद आतंकवादी बनने से पहले पुलिस में था और 20 मई 2017 को मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में एफसीआई गोदाम से चार बंदूकें लेकर फरार हो गया था। बाद में आतंकवाद में शामिल हुआ।

आपरेशन शुरू होते ही सुरक्षा बलों पर पथराव
तलाशी अभियान के दौरान पुलवामा के द्रबगाम इलाके में युवाओं ने सुरक्षा बलों पर जमकर पत्थर बरसाए और आपरेशन में खलल डालने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने जैसे ही इलाके की घेराबंदी की तो हिंसक झड़पें शुरू हो गईं। इससे काफी देर तक तनाव की स्थिति रही।

छुट्टी पर आने वाले जवानों को आतंकियों ने पहले भी बनाया है निशाना
इसके पहले भी आतंकियों ने कायरता का परिचय देते हुए छुट्टी पर आने वाले जवानों को निशाना बनाया है। साल 2017 में शोपियां के टेरिटोरियल आर्मी के जवान इरफान अहमद की आतंकियों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। आतंकियों ने रात को घर से अपहरण किया था और अगले दिन सुबह उनका शव पुलवामा से बरामद हुआ था।

मई 2017 में भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की भी आतंकियों ने अपहरण करने के बाद हत्या कर दी थी। 22 वर्षीय उमर शोपियां में अपने रिश्तेदार की शादी समारोह में भाग लेने आए थे। उमर फैयाज के लिए उनकी पहली छुट्टी ही जिंदगी की आखिरी छुट्टी बन गई थी। 
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पुलवामा और अनंतनाग में सीआरपीएफ पर दो आतंकी हमले

दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा और अनंतनाग जिले में दो स्थानों पर सीआरपीएफ के जवानों को निशाना बनाया। इस दौरान सीआरपीएफ का एक जवान घायल, जबकि एक सर्विस राइफल लेकर हुए फरार। 

पहली घटना वीरवार की सुबह पुलवामा जिले में हुई जब आतंकियों ने जिले में सीआरपीएफ और पुलिस की ज्वाइंट नाका पार्टी पर फायरिंग कर उन्हें निशाना बनाया गया। जिले के एसएसपी मोहम्मद असलम चौधरी ने बताया कि गंगू के करीब आतंकियों ने दूर से नाका पार्टी पर फायरिंग की जिसमें किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है। घटना के तुरंत बाद आस पास के इलाकों में तलाशी अभियान छेड़ा गया है।

दूसरी घटना अनंतनाग जिले की है जहां दो मोटरसाइकिल सवारों ने सडूरा रेलवे स्टेशन पर एक जवान पर पत्थरों से वार किया जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावर सीआरपीएफ की 46 बटालियन की बी-कॉय के जवान पर वार कर उसकी सर्विस राइफल छीन कर ले गए और मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद भी आस पास के इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया।
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