चार घंटे पहले यूएन रिपोर्ट पर रीट्वीट किया था
घटना से चार घंटे पहले शुजात बुखारी ने रीट्वीट किया था कि भारत ने कश्मीर पर यूएन रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस हमले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। इस ट्वीट को भी जांच के बिंदु के रूप में शामिल किया गया है।
पत्रकार शुजात बुखारी पर इसके पहले साल 2000 में भी आतंकी हमला हो चुका था। हालांकि वह उस दौरान बाल बाल बच गए थे। उस हमले के बाद ही उन्हें पुलिस ने सुरक्षा मुहैया कराई थी। शुजात कश्मीर में शांति की बहाल कराने के लिए लगातार सक्रिय थे।
ममता बनर्जी ने कहा कि प्रतिष्ठित संपादक और वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की निर्मम हत्या पर दुखी और हैरान हूं। ईद के कुछ घंटों पहले हुई यह घटना भयावह है।
राहुल गांधी ने कहा कि राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी की हत्या के बारे में सुनकर बहुत ही दुखी हूं। वह बहादुर थे जिन्होंने बिना किसी भय के जम्मू-कश्मीर में न्याय और शांति के लिए लड़ाई लड़ी। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। लोग उन्हें याद रखेंगे।