हड़ताली बिजली कर्मचारियों से बात करते डिवकाम डा. राघव लंगर।
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कर्मचारी संगठनों के साथ भी बातचीत की गई है। कई सुझाव दिए गए हैं। उम्मीद है कि वे मान जाएंगे। कर्मचारियों की पेंशन, नियमितीकरण, वेतनवृद्धि, सेवा संबंधी मसले हैं। इन मसलों को सरकार के ध्यान में लाया गया है। कर्मचारियों को समय पर वेतन देने के लिए भी कहा गया है। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए जेकेटीसीएल (जम्मू-कश्मीर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड) और जेकेपीसीएल (जेके पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड) की सहायता ली जा रही है। तकनीकी स्टाफ सेना के साथ काम कर रहा है।
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वहीं, जेकेपीसीएल के एमडी शिव आनंद त्याल ने कहा कि कर्मचारियों की मांगे पहले से ही सरकार के ध्यान में है। प्रशासन के साथ बैठक कर उनकी मांगों पर विचार भी किया गया है, जिसमें तत्काल इसे हल करने का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि दस ट्रांसमिशन फीडरों के माध्यम से 1076 डिस्ट्रीब्यूशन फीडरों से बिजली बहाली होती है। अभी कुछ फीडरों को चालू किया गया है। रात में 20 अलग-अलग जगहों पर टीमें भेजी गई हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्टाफ मंगवाया जा सकता है।
सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी
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हड़ताली कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया, पीड़ित नागरिक सड़कों पर उतरे
वहीं, रविवार को दूसरे दिन भी हड़ताली कर्मचारियों ने जम्मू समेत विभिन्न जिलों में धरना-प्रदर्शन किया। बिजली न रहने से आक्रोशित नागरिकों ने जगह-जगह सड़क पर उतरकर बिजली विभाग तथा प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। हड़ताल की वजह से आधे से अधिक इलाकों में आपूर्ति ठप रही। पानी का संकट उत्पन्न होने के साथ ही लोगों के इन्वर्टर बंद हो गए। मोबाइल तक चार्ज नहीं हो पाए। हड़ताली कर्मचारियों ने अस्पतालों से जुड़े फीडरों को छोड़कर कहीं भी गड़बड़ी नहीं दूर नहीं की।
नियम टूटे तो कार्रवाई: आईजी
आईजीपी मुकेश सिंह ने कहा कि बैठक के दौरान शांति बनाए रखने के लिए कर्मचारियों को कहा गया। नियम टूटने पर सख्ती से पेश आया जाएगा। अभी तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। शिकायत आने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी ।
जम्मू में बिजली कर्मचारियों के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग।
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कारपोरेशन के 50 फीसदी स्टाफ की नौकरी पर तलवार
जम्मू। बिजली कारपोरेशन के 50 फीसदी स्टाफ की नौकरी पर तलवार लटक सकती है। हड़ताल पर जाने का असली कारण जेके ग्रिड कारपोरेशन का 50 फीसदी श्ेेयर है। इसमें विभागीय संपत्ति का प्रयोग कंपनी करेगी। साथ ही स्टाफ भी कंपनी का होगा। ऐसे में बहुत से कर्मचारियों की नौकरी पर आंच आ सकती है। इस कारण कर्मचारी घबराए हुए हैं। इसके अलावा अभी तक कर्मचारियों के सेलरी, पेंशन, पदोन्नति समेत अन्य मांगों पर गौर नहीं हो पाया है। कर्मचारियों को अब कारपोरेशन से वेतन मिल रहा है जबकि कर्मचारी पुरानी व्यवस्था के तहत विभाग से ही वेतन चाहते हैं। इस कारण हड़ताल पर उतरे हैं।