पीडीपी कोर ग्रुप की ओर से सरकार बनाने के लिए अधिकृत करने के बाद भी महबूबा की खामोशी से इस दिशा में सोमवार को कोई प्रगति नहीं हो पाई। हालांकि, यह कहा जा रहा है कि 26 जनवरी के आस-पास महबूबा शपथ ले सकती हैं।
इस बीच भाजपा ने ताजा राजनीतिक हालात की जानकारी हाईकमान को दी है। इसमें पीडीपी कोर ग्रुप के फैसले का भी जिक्र है। सोमवार को भाजपा कोर ग्रुप की हुई बैठक में पीडीपी के कदम पर विचार किया गया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा का कहना है कि पीडीपी की तरफ से अभी तक संपर्क नहीं साधा गया है। पार्टी को इसका इंतजार है। दोनों पार्टियों में चर्चा शुरू होने के बाद ही सरकार गठन की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
महबूबा को नेता चुने जाने को सकारात्मक संकेत माना
भाजपा सूत्रों का कहना है कि कोर ग्रुप की बैठक में पीडीपी की बैठक में उठाए गए मुद्दे चर्चा के विषय रहे। महबूबा को नेता चुने जाने को सकारात्मक संकेत माना गया।
इसके साथ ही एजेंडा आफ एलायंस पर काफी कुछ काम होने की बात कहकर पीडीपी ने भाजपा को राहत पहुंचाई है क्योंकि दस महीने के कार्यकाल की समीक्षा की बात कहकर पीडीपी ने सबको चौंका दिया था।
मोदी के लाहौर दौरे पर खुशी जताने से भी भाजपा की जान में जान आई है। बैठक में कहा गया कि यह सब सकारात्मक संकेत है। उम्मीद है कि जल्द ही पीडीपी की ओर से सरकार बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा जा सकता है।
नई शर्त को थोपे जाने पर विचार नहीं किया
इस दौरान किसी नई शर्त को थोपे जाने पर विचार नहीं किया गया। बैठक में सांसद जुगल किशोर शर्मा एवं शमशेर सिंह मन्हास, पूर्व डिप्टी सीएम डा. निर्मल कुमार सिंह, स्पीकर कवींद्र गुप्ता, संगठन महासचिव अशोक कौल उपस्थित थे।
प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि महबूबा मुफ्ती को अगली रणनीति तय करने के लिए पार्टी की ओर से दिए गए अधिकार को भाजपा ने सकारात्मक कदम के रूप में लिया है।
आने वाले दिनों में रियासत में सरकार गठन पर पीडीपी के साथ बातचीत का दौर शुरू हो सकता है। दस महीने के कार्यकाल में रियासत में विश्वास बहाली से लेकर विकास की गति को तेज करने के लिए काफी कुछ किया गया। इस गति को बरकरार रखने की जरूरत है।