सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (अफस्पा) में विपक्ष में रहते हुए कड़ा रुख अपनाने वाली भाजपा के रुख में पीडीपी के साथ मिलकर रियासत में गठबंधन सरकार बनाने के साथ ही नरमी देखी जा रही है।
भाजपा के कश्मीर संभाग के नेता एवं नवनिर्वाचित एमएलसी सोफी यूसुफ का कहना है कि जिन इलाकों में आतंकवाद से खतरा उत्पन्न हो सकता हैं, वहां पर निजी राय है कि अफस्पा को हटाने की कोई जरूरत नहीं है।
जिन इलाकों में शांति हैं, वहां से इसे आंशिक रूप से हटाया जा सकता है। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद भी ऐसा ही कह चुके हैं। उनका कहना है कि रियासती सरकार ने सिविल मिल्ट्री कांफ्रेंस बुलाई है।
इसमें अफस्पा समेत सशस्त्र बलों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। सेना की पश्चिमी कमान के ले. जनरल केजे सिंह के भी कांफ्रेंस में हिस्सा लेने की उम्मीद है।
इसी बीच पीडीपी प्रवक्ता एवं एमएलसी फिरदोस टाक का कहना हैं कि पीडीपी ने हमेशा से अफस्पा को हटाने की बात कही है।