स्वास्थ्य मंत्री लाल सिंह, जीएमसी और एसोसिएटेड अस्पतालों के डाक्टर में छिड़ा विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा।
सोमवार को डाक्टरो ने रैली निकाल कर सचिवालय तक जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें महेशपुरा चौक के पास ही रोक लिया। डाक्टरों के पूर्व घोषित कार्यक्रम के कारण प्रशासन ने पहले ही पुलिस बल तैनात कर रखा था। इनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं।
रेजीडेंट डाक्टर एसोसिएशन के बैनर तले निकली रैली में बड़ी संख्या में महिला डाक्टर भी शामिल हुईं। इस दौरान डाक्टरो ने मंत्री लाल सिंह के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और नारेबाजी की। शाम लगभग चार बजे तमाम डाक्टर जीएमसी ओपीडी के समक्ष जमा हुए और वहां से रैली निकाल सचिवालय का रुख किया।
महेशपुरा चौक पर तैनात पुलिस अफसर ने डाक्टरो को यह कहते हुए आगे बढ़ने से रोका कि सचिवालय के आसपास के क्षेत्र में धारा 144 लगी है। इसके बाद डाक्टर सड़क पर ही बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। उनका कहना था कि जब तक डाक्टरो के साथ दुर्व्यवहार बंद नहीं होगा, वह किसी भी शर्त पर ड्रेस कोड का उपयोग नहीं करेंगे।
एसोसिएशन के प्रेसीडेंट नीरज शर्मा ने कहा कि लाल सिंह जब पिछली बार कांग्रेस के मंत्री थे, तब भी वह ऐसे ही डाक्टरो के साथ दुर्व्यवहार करते रहे। अब फिर स्वास्थ्य मंत्री बने हैं तो उन्होंने वैसा ही बर्ताव शुरू कर दिया है। जिसे डाक्टर किसी शर्त पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि डा. गुरमीत कौर के साथ उनकी हमदर्दी है, जिनके साथ मंत्री ने दुर्व्यवहार किया। एसोसिएशन ने मंत्री से माफी मांगने को कहा है।
डाक्टरो के रुख को देखते हुए पुलिस ने महेशपुरा चौक के अलावा ब्रिगेडियर राजिंद्रा चौक और सचिवालय के तमाम रास्तों में पुलिसकर्मी भर दिए थे, ताकि डाक्टरोें को किसी भी शर्त पर सचिवालय तक न पहुंचने दिया जाए। हालांकि डाक्टरोें ने पुलिस अफसरोें की अपील पर सभ्य तरीके से वापस जीएमसी अस्पताल का रुख कर लिया।