राज्य मुख्य सचिव बी आर शर्मा ने मंगलवार को राज्य जैव विविधता बोर्ड की दूसरी बैठक की। इसमें राज्य की 12 पंचायतों में जैव विविधता प्रबंधन कमेटियों के गठन को मंजूरी दी गई।
इसमें दोदू बसंतगढ़, गुजरू नगरोटा, कलारस लोलाब, डिस्कित नूबरा, द्रास, दुकसुम, दागापोरा हरन, अठोली गुलाबगढ़ पडर, मरवान मडवान और गुरेज बनी शामिल हैं। इन कमेटियों के गठन को टेरिटोरियल डीएफओ नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
कमेटी में छह सदस्य होंगे, जिनका चयन पंचायत की ओर से किया जाएगा। जन जैव विविधता रजिस्टर बनाना अनिवार्य होगा। जैविक स्रोतों की लिस्टिंग और अपने अपने क्षेत्र की इन सदस्यों को जानकारी रखनी होगी।
कमेटियों को लिपिवद्ध तरीके से जैव विविधता पारंपरिक जानकारी के साथ दस्तावेज तैयार करने होंगे, जिनको बाद में कंसोलीडेट कर जैव विविधता डाटाबेस में डाला जाएगा। मुख्य सचिव ने आम लोगों में जैविक विविधता को लेकर जागरूकता लाने पर जोर दिया।
बोर्ड के सदस्य सचिव से कहा कि इन कमेटियों के जल्द गठित होने पर काम करें। बोर्ड ने जैविक विविधता की गतिविधियों को चलाने के लिए विशेषज्ञों की कमेटी को मंजूरी भी दी। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि संकटग्रस्त पौधों और पशुओं की सूची पहले से राष्ट्रीय जैविक विविधता प्राधिकरण को सौंप दी गई है।