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भारत बंद: जम्मू के इन इलाकों में दिखा असर, कश्मीर में किसानों नेताओं ने की ये मांग

Mon, 27 Sep 2021 04:45 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

किसानों के भारत बंद का असर जम्मू में भी देखने को मिला। श्रीनगर में भी इसी तरह का प्रदर्शन किया गया। जिसमें किसान नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा बागवानी क्षेत्र की पूरी तरह से उपेक्षा की गई है, जबकि आबादी का एक बड़ा हिस्सा इस पर निर्भर है।
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लखनपुर टोल प्लाजा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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किसानों के भारत बंद का असर जम्मू में भी देखने को मिला। जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। लिंक मार्ग से वाहन डाइवर्ट किये गए। जम्मू जिले में भी रैलियां निकाली गईं। माकपा नेता एम वाई तारिगामी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और किसानों ने एक रैली निकाली। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए तारिगामी ने कहा कि ये किसान विरोधी कानून कृषि को नष्ट करने और भारत की खाद्य सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए हैं। जम्मू में, जम्मू-कश्मीर किसान तहरीक द्वारा प्रदर्शन आयोजित किए गए।

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उन्होंने आरोप लगाया कि ये कानून न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को खत्म करने, देश की कृषि और बाजारों को कॉरपोरेट क्षेत्र को गिरवी रखने का आधार तैयार करेंगे। किसान डीजल, पेट्रोल, उर्वरक, अन्य कृषि आदानों और उनकी आवश्यकताओं की बढ़ती कीमतों का खामियाजा भुगत रहे हैं।
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किसानों द्वारा कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग के लिए ऐतिहासिक संघर्ष अभी भी जारी है। मोदी सरकार ने इन संघर्षरत किसानों के साथ बातचीत के माध्यम से जुड़ने से इनकार कर दिया है। सरकार को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए तुरंत किसानों के साथ बातचीत शुरू करनी चाहिए। 
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श्रीनगर में भी इसी तरह का प्रदर्शन किया गया। जिसमें किसान नेता अब्दुल राशिद पंडित, कादिर हफ़रू और अब्दुल राशिद इटू ने कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा बागवानी क्षेत्र की पूरी तरह से उपेक्षा की गई है, जबकि आबादी का एक बड़ा हिस्सा इस पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि सरकार को एमएसपी में बागवानी उद्योग को शामिल करना चाहिए।

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