महानपुर स्थित आधा दर्जन बावलियों को संरक्षित करने पर स्थानीय पंचायती नुमाइंदों ने भी मांग का समर्थन किया है।
प्राकृतिक जलस्रोत के संरक्षण के लिए स्थानीय लोगों ने मांग उठाई है। स्थानीय निवासी हेमंत कुमार, देविंदर शर्मा, सोनू गुप्ता आदि ने कहा कि कसबे में छह बावलियां हैं।
इलाके में कई बावलियां बहुत पुरानी हैं, जो लंबे समय से पीने के लिए पानी उपलब्ध करवाती रही हैं। इसके बावजूद बावलियों के संरक्षण के लिए प्रशासन की ओर से कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
कई बावलियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। ग्रामीणों ने कहा कि कसबे की दो बावलियों को संरक्षित करने के कुछ इंतजाम किए गए हैं।
शेष चार बावलियां गंदगी और सरकारी उपेक्षा के चलते अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही हैं। महानपुर कसबे के चरोली मोहल्ले और सेरी महानपुर में स्थित बावलियों का लोग पानी इस्तेमाल करते हैं, लेकिन संरक्षण के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
यदि संरक्षण होता है, तो लोग आगे भी लंबे समय तक बावलियों के पानी से अपनी प्यास बुझाते रहेंगे।