नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष एवं उम्मीदावर उमर अब्दुल्ला ने लोगों को मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह बारामुला लोगों से अपील करते हैं कि लोग अपने घरों से बाहर आएं और मतदान करें।
उन्होंने कहा, 'अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में यह पहला लोकसभा चुनाव है। मुझे उम्मीद है कि लोग अपने वोटों का इस्तेमाल करेंगे। लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत लोगों की आवाज और लोगों के वोट हैं। मैं बारामूला के लोगों से अपील करता हूं कि वे बाहर आएं और अपना वोट डालें।'
दक्षिण कश्मीर में हुए दो आतंकी हमले से जुड़े सवाल के जवाब में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि घाटी में हालात सामान्य नहीं है। सरकार के दावे खोखले हैं। नेकां नेता ने कहा कि किसी को यह दावा करने से हमेशा बचना चाहिए कि कश्मीर में सामान्य स्थिति है।
उन्होंने कहा, "मैं हमेशा से कहता रहा हूं कि बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं और स्थिति सामान्य है जैसे दावे करना अच्छा नहीं है। ऐसा करके हम पर्यटकों की जान खतरे में डालते हैं। अगर पर्यटकों को सुरक्षा नहीं दी जा सकती तो हमें इससे बचना चाहिए।'
अब्दुल्ला ने कहा, भाजपा के नेता कई दावे करते हैं करते हैं, लेकिन उनके एक भी दावे सही होते तो वे घाटी में अपने उम्मीदवार मैदान में उतारते। नेकां को हराने के लिए बी और सी टीमों का सहारा नहीं लेते।
उमर अब्दुल्ला बारामुला से जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (जेकेपीसी) के प्रमुख सज्जाद लोन और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के उम्मीदवार मीर मोहम्मद फैयाज के खिलाफ मैदान में हैं। जेल में बंद निर्दलीय उम्मीदवार अब्दुल रशीद शेख भी मैदान में हैं।
भाजपा जम्मू-कश्मीर की तीन लोकसभा सीट श्रीनगर, बारामुला और अनंतनाग में से किसी से भी चुनाव नहीं लड़ रही है। सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव के नतीजे 4 जून को घोषित किए जाएंगे।