फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धारा 144 लगाने के आदेश को चुनौती

Wed, 12 Aug 2015 11:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
विज्ञापन
जेएंडके हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी एपी सिंह ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर जिला मजिस्ट्रेट के एक अगस्त 2015 के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें निगम क्षेत्र में धारा 144 लगाई गई। याचिका में आदेश को खारिज करने की अपील की गई।
विज्ञापन


एडवोकेट शेख शकील अहमद, अरशद मजीद मलिक और इरफान मोहम्मद खान के मार्फत लगाई गई याचिका में आरोप लगाया गया कि इस अधिकार का दुरुपयोग किया गया। धारा 144 लगाने का आदेश अवैध, असंवैधानिक सत्ता के अधिकार का गलत उपयोग किया गया।

आदेश का मुख्य उद्देश्य एम्स आंदोलन को जनता के मिल रहे समर्थन को दबाना था। जिला मजिस्ट्रेट ने सिर्फ आंदोलन की ख्याति को दबाने के लिए ऐसा आदेश जारी किया।
विज्ञापन


याचिका में आरोप लगाया गया कि स्थानीय पुलिस ने बार एसोसिएशन के सदस्यों और उनके प्रेसीडेंट पर लाठीचार्ज कर शालीनता की सभी हदें पार कर दीं। इतना ही नहीं, प्रदर्शन कर रहे वकीलों और एम्स कोआर्डिनेशन कमेटी के सदस्य पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए।

पुलिसकर्मियों द्वारा प्रदर्शनकारियों के वाहनों को तोड़े जाने की तस्वीरें कैमरे में कैद हैं। एम्स कमेटी के वरिष्ठ सदस्यों पर झूठे और आधारहीन केस दर्ज किए गए। याचिका में कहा गया कि धारा 144 का उपयोग परिस्थितियों के तत्काल रोकथाम और तेजी से हालात सुधारने के लिए किया जाता है।

इसे लागू करने से पहले अथारिटी को परिस्थितियों का आंकलन कर संतुष्ट होना पड़ता है कि वाकई इसे लागू करने की जरूरत है। उक्त प्रावधान का उपयोग सिर्फ विपरीत परिस्थितियों में जनता में शांति बनाए रखने के लिए होता है।

ऐसा आपात हालात में होना चाहिए और इसके लिए पर्याप्त कारण भी होने चाहिए। लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ नहीं था। एसएसपी जम्मू से मिले इनपुट के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट ने इस आदेश को जारी किया, जो पूरी तरह से गलत थे।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें