कड़ाके की ठंड के बीच बॉर्डर रोड आर्गनाइजेशन (बीआरओ) ने 60 घंटे के भीतर 120 फुट लंबा बैली पुल तैयार कर दिया है। शनिवार दोपहर पुल का ट्रायल सफल होने पर 10 जनवरी से बंद 270 किलोमीटर लंबा जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बहाल हो गया।
रामबन के केला मोड़ इलाके में पुल का हिस्सा धंस जाने से यातायात ठप हो गया था। 40 टन वजन के साथ वाहनों की आवाजाही की क्षमता वाला बैली पुल तैयार होते ही शनिवार शाम 7.10 बजे फंसे छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। बाद में भारी वाहनों को भी क्रमवार छोड़ा जाएगा। उधर, हाईवे अथॉरिटी कंक्रीट से बने पुल की मरम्मत कर रही है, जिसे बहाल करने में समय लग सकता है।
बर्फबारी और बारिश की वजह से सामरिक महत्व के जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर यातायात ठप हो गया था। वाहनों की आवाजाही शुरू हुई ही थी कि 10 जनवरी को केला मोड़ स्थित पुल का एक हिस्सा धंस गया। प्रदेश के दोनों राजधानी शहरों जम्मू और श्रीनगर को सड़क से जोड़ने वाले एकमात्र विकल्प के बंद होने से हजारों की तादाद में वाहन जगह-जगह फंस गए। सबसे ज्यादा वाहन जम्मू से लेकर केला मोड़ क्षेत्र में फंस गए थे।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया हाईवे पुल की मरम्मत कर रही है, जिसमें अभी कई दिन लग सकत हैं। बीआरओ के प्रोजेक्ट बीकन के मुख्य अभियंता ब्रिगेडियर आईके जग्गी ने कहा कि अत्यधिक ठंड में बीआरओ के अमले ने दिन रात लगातार काम करते हुए 120 लंबा बैली पुल तैयार किया है। ट्रायल सफल रहने के बाद हाईवे पर यातायात बहाल किया गया है।