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Back To Village: चौथी कड़ी में 5 हजार प्रस्तावों का हल ढूंढेंगे 4500 अफसर

Thu, 27 Oct 2022 10:06 AM IST
kumar गुलशन कुमार ओमपाल संब्याल, जम्मू

सार

बैक टू विलेज कार्यक्रम के तहत अब तक 4290 ग्राम सभाओं में 28000 कामों की पहचान की गई है। इन कार्यों को जीपीडीपी अथवा पंचायती राज संस्थाओं से जुड़ी योजनाओं के तहत बजट देकर अंजाम दिया जा रहा है।
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back to village (File) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्रामीण विकास को लेकर जम्मू-कश्मीर के सबसे बड़े कार्यक्रम बैक टू विलेज के चौथे संस्करण में पांच दिन के भीतर 4500 अफसर गांव-गांव जाकर पांच हजार समस्याओं का निपटारा करेंगे। 35 विभागों का अमला 4483 पंचायतों में दो दिन और एक रात बिताकर 85 कल्याणकारी योजनाओं के तहत ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के साथ ही समाधान सुनिश्चित करेगा। 

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बैक टू विलेज-4 में इस बार पांच लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान है। 27 से 31 अक्तूबर तक प्रस्तावित बी2वी4 कार्यक्रम के दौरान दो लाख प्रमाण पत्र और लैंड पासबुक जैसे दस्तावेज वितरित किए जाएंगे। जम्मू-कश्मीर सरकार के इस बहुचर्चित कार्यक्रम की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मन की बात कार्यक्रम समेत अन्य मौकों पर खास जिक्र करते हुए तारीफ कर चुके हैं। वीरवार से शुरू हो रहे बैक टू विलेज-4 की रूपरेखा तैयार करने के लिए प्रदेश सरकार ने दस दिवसीय जन अभियान चलाया, जो 26 अक्तूबर को संपन्न हुआ। 

पांच दिनों में 1000 जागरूकता कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा कृषि विश्वविद्यालयों की ओर से 200 कैंप लगाए जाएंगे। कॉमन सर्विस सेंटर में स्टॉल लगेंगे, जहां पर 225 ऑनलाइन सेवाओं से आम लोगाें को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। हर पंचायत में कम से कम एक मैदान तैयार कर एक खेल का आयोजन भी होगा।
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28 हजार काम तय, अब तक 4107 पूरे 
बैक टू विलेज कार्यक्रम के तहत अब तक 4290 ग्राम सभाओं में 28000 कामों की पहचान की गई है। इन कार्यों को जीपीडीपी अथवा पंचायती राज संस्थाओं से जुड़ी योजनाओं के तहत बजट देकर अंजाम दिया जा रहा है। इनमें से अब तक कुल 4107 कार्य पूरे किए गए हैं। स्व रोजगार से जुड़े 19917 मामलों के लिए 344.3 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इनमें 5900 महिला उद्यमी भी शामिल हैं।

  • पहला : 20 से 27 जून 2019 -  तक पहला बैक टू विलेज कार्यक्रम किया गया। इसमें 4483 पंचायतों में 4 हजार अफसरों ने दो दिन और एक रात बिताई।
  • दूसरा : 25 से 30 नवंबर 2019 - 4500 अफसरों ने लोगों के बीच जाकर जन समस्याएं सुनीं और निर्देश जारी किए।
  • तीसरा : 2 से 12 अक्तूबर 2020 - कोविड महामारी से प्रभावित कार्यक्रम करीब एक साल बाद आयोजित किया गया। इसके बाद से ही ब्लॉक दिवस की शुरूआत की गई।


नौकरशाही गांवों में पहुंचने से राहत पंचायत की राशि भी बढ़ाए सरकार

बैक टू विलेज कार्यक्रम को जमीनी स्तर पर बदलाव का प्रभावी कदम करार देते हुए ऑल जम्मू-कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस ने पंचायतों की राशि बढ़ाने की मांग की है। कांफ्रेंस के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि उन्हीं के डेलीगेशन ने गृह मंत्री को सुझाव दिया था, जिससे यह कार्यक्रम शुरू हुआ। इससे नौकरशाही को जमीनी हालात का पता चल रहा है। यह सकारात्मक पहल है, लेकिन प्रति पंचायत 10 लाख रुपये निर्धारित राशि को बढ़ाकर कम से कम 25 लाख किया जाना चाहिए। 

इसके अलावा कैपेक्स बजट में 22-23 लाख मिलते हैं, जिसे बढ़ाने का फैसला किया जाना चाहिए। अनिल शर्मा ने कहा - 14वें वित्त आयोग की 2019-20 की एक किस्त अभी तक नहीं मिली है। इसके अलावा 15वें वित्त आयोग की पहली व दूसरी किस्त से भी प्रदेश महरूम है। केंद्र शासित प्रदेश होने के बावजूद विशेष परिस्थितियों को देखते हुए जम्मू-कश्मीर को 15वें वित्त आयोग की राशि दी जानी चाहिए।

जन अभियान में रूपरेखा तैयार कर ली गई है। सभी अधिकारी अपने संबंधित क्षेत्र में जाकर जनसुनवाई और चिह्नित कामों को अंजाम तक पहुंचाने की व्यवस्था करेंगे। एक साथ करीब साढ़े चार हजार पंचायतों में राजपत्रित अफसरों की मौजूदगी से जनता के मुद्दे सुलझाए जाएंगे। -रोहित कंसल, अध्यक्ष, बैक टू विलेज कार्यक्रम समिति

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