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बच्चों को बताए कामयाबी के गुर

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पुलिस की पाठशाला में विचार व्यक्त करती एसडीपीओ।
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बाड़ी ब्राह्मणा। गुड टच और बैड टच पर सतर्क रहना चाहिए। अनजान लोगाें की बातों पर जल्द भरोसा न करें। कहीं कुछ गलत लगे तो फौरन अभिभावकों को बताएं। बाड़ी ब्राह्मणा में अमर उजाला की ओर से ग्रीन फ्लावर्स पब्लिक स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में बच्चों ने सजग विद्यार्थी होना सीखा। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित एसडीपीओ शिवाली कोतवाल और उनके साथ आईं सब इंस्पेक्टर दिव्या ने बच्चों को सरल तरीके से समझाया कि वे छोटी उम्र में भी वे कैसे एक सजग नागरिक बन सकते हैं।
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शुक्रवार सुबह 11 बजे कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से की गई। बच्चों ने कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें कविताएं, नृत्य और पुलिस का समाज के प्रति रोल के बारे में बताया गया। स्कूल में एसडीपीओ की मौजूदगी को देख बच्चों में उत्साह बढ़ गया। एसडीपीओ ने बच्चों क प्रतिभा की सराहना की। एसडीपीओ ने चॉक और डस्टर पकड़ से ब्लैक बोर्ड पर बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में समझाया। उन्होंने कहा कि यदि उनके साथ बैड टच होता है तो उसके लिए वे फौरन माता-पिता अपने दोस्त, टीचर या पुलिस को बता सकते हैं। उन्होंने इंटरनेट, फेसबुक, व्हाट्सएप के इस्तेमाल के लिए बताया और उसमें समझाया कि अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट को कभी भी स्वीकार न करें, इंटरनेट को जरूरत के अनुसार ही इस्तेमाल करें।
सब इंस्पेक्टर दिव्या ने बच्चों को बताया कि किस तरह से उनको अनजान लोगों से बचकर चलना है। उन्होंने बताया कि अगर वह घर में अकेले हैं तो किसी भी अनजान व्यक्ति को घर के बारे में न बताएं और अगर उन्हें कुछ गड़बड़ लगे तो इसके लिए वह तुरंत फोन करके अपने माता-पिता को बताएं। यदि कोई उनका पीछा कर रहा है तो उसको लेकर भी वह टीचर या माता-पिता को बताएं। बच्चों को इतना सक्षम होना है कि अपहरण जैसी घटनाओं में समय पर पुलिस तक जानकारी पहुंचाएं। उन्होंने बताया कि बच्चे 18 साल से पहले अपने आपको कभी भी बड़ा न समझें। वयस्क होने तक अपने मां-बाप से पूछकर ही काम करें। हर उस अवस्था में बड़ों को शामिल करें, जिस पर उन्हें किसी चीज को लेकर गलत हो रहा है।
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अपने आसपास की घटनाओं पर रखें नजर
थाना प्रभारी राकेश कुमार शर्मा ने बच्चों को पुलिस में समाज की भूमिका बताई। उन्होंने बताया कि बच्चे सूचना का एक बड़ा माध्यम होते हैं। कोई भी बच्चों के सामने कुछ भी कह देता है, बच्चे स्मार्ट बनकर इन बातों को बड़ों तक पहुंचा सकते हैं। अगर वह कुछ गलत बातें कर रहे हैं तो उसके ऊपर पुलिस को कार्रवाई करने में आसानी हो जाती है। इसलिए सभी बच्चों को अपने आसपास हो रही घटनाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
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