रियासत सरकार ने जम्मू और कश्मीर विश्वविद्यालयों के उप कुलपतियों के कार्यकाल में दो साल के इजाफे का निर्णय लिया है। इस बाबत शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने द कश्मीर एंड जम्मू यूनिवर्सिटीज संशोधन बिल बुधवार को विधानसभा में पेश किया।
इसके तहत उप कुलपतियों का कार्यकाल अब पांच साल का होगा जो पहले तीन साल का हुआ करता था। विधेयक के पारित होने और राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
इसके अलावा मानवाधिकार आयोग और जबावदेही आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाकर पांच साल करने तथा योग्यता आयु 70 से बढ़ाकर 75 साल करने के संबंध में भी दो अलग-अलग संशोधन विधेयक सदन में पेश किए गए।
नए संशोधन विधेयक के औचित्य पर सरकार की ओर से कहा गया है कि आयोगों के लिए रिटायर जज कम उपलब्ध हो पाते हैं इसलिए उम्र सीमा को 70 से बढ़ाकर 75 वर्ष करने की जरुरत है। विधि मंत्री के बदले ग्रामीण विकास मंत्री अब्दुल हक खान ने जम्मू कश्मीर मानवाधिकार संरक्षण कानून 1977 में संशोधन के लिए बिल पेश किया।