कश्मीर में बाढ़ के बाद पैदा हुए हालात के बीच विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने से राहत कार्यों पर असर पड़ना तय है। कश्मीर संभाग में जिला और संभागीय प्रशासन को अब दोहरी भूमिका निभानी पड़ रही है।
जिलाधीश स्तर के अधिकारी को जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ राहत कार्यों की समीक्षा का काम भी देखना पड़ रहा है। यह बात दीगर है कि चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया से जुड़े अफसरों को आचार संहिता लागू होने के बावजूद राहत कार्यों में दखल नहीं देने की हिदायतें भी जारी की हैं।
बाढ़ प्रभावित जिलों श्रीनगर, बडगाम, पुलवामा, कुलगाम, शोपियां और अनंतनाग में राहत कार्यों की प्रक्रिया धीमी होने की शिकायतें जिला प्रशासन के पास पहुंचनी शुरू हो गई हैं। कश्मीर में सर्दी का मौसम शुरू होने की वजह से चुनाव आयोग ने पहले चरणों में मतदान कराने का शेडयूल जारी किया है।