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जम्मू-कश्मीर : अनुच्छेद 370 हटा लेकिन सरकारी सुस्ती बरकरार, राष्ट्रीय परियोजना भी पिछड़ी

Wed, 06 Apr 2022 04:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा साहिल खजूरिया, कठुआ

सार

शाहपुर कंडी परियोजना की डेडलाइन मई 2022 से बढ़ाकर अब जुलाई 2023 कर दी गई है। पंजाब ने 72 फीसदी बना दिया बांध, प्रदेश में 1.4 किमी नहर के 250 मीटर हिस्से में ही चल रहा काम। 
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शाहपुर कंडी परियोजना - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद विकास परियोजनाओं को रफ्तार जरूर मिली है, लेकिन कई जगह सरकारी सुस्ती का आलम जस का तस है। शाहपुर कंडी राष्ट्रीय परियोजना है, जिसके लिए केंद्रीय स्तर पर कई बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन 2715 करोड़ की इस परियोजना में शामिल नहर का काम जम्मू-कश्मीर अभी शुरू भी कर पाया है। वहीं, पंजाब ने बांध निर्माण का 72 फीसदी काम पूरा कर लिया है। 

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लेटलतीफी के चलते परियोजना के लिए तय की गई मई 2022 की डेडलाइन को बदलकर अब जुलाई 2023 कर दिया गया है। आधिकारिक सूत्रों ने तो परियोजना क्रियान्वयन में इससे भी ज्यादा देरी होने की आशंका जताई है। शाहपुर कंडी परियोजना में रावी दरिया के उस पानी को रोक कर सिंचाई और बिजली उत्पादन के इस्तेमाल में लाया जाना है, जो अभी पाकिस्तान जा रहा है। रावी दरिया का पानी सिंधु जल संधि के तहत पूरी तरह से भारत के हिस्से आता है, लेकिन पूरी तरह से उपयोग न होने के चलते रावी का पानी वर्तमान में पाकिस्तान चला जाता है। शाहपुर कंडी के पानी का सबसे ज्यादा लाभ जम्मू-कश्मीर को होना है, जिसे बांध और नहर से जोड़कर कंडी क्षेत्र को सिंचित किया जाना है।

ढाई साल पहले निशानदेही, जमीन अभी तक नहीं करवाई खाली
पंजाब सरकार की ओर से परियोजना की जद में आने वाली जमीनों की निशानदेही ढाई साल पहले की जा चुकी है। पौने छह करोड़ का मुआवजा और ढांचों के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर के क्षेत्र में जमीन खाली नहीं करवाई गई है। लोक निर्माण विभाग की ओर से डूब क्षेत्र में आने वाले नौरा पुल का काम भी शुरू नहीं हो पाया है। वहीं पंजाब सरकार की ओर से बांध निर्माण का कार्य तेज रफ्तार में जारी है। इधर नहर का काम बीते साल दस अप्रैल को शुरू हुआ था, जिसे अभी तक पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन 1.4 किमी में से मात्र 250 मीटर नहर पर ही काम शुरू हो पाया है। 
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आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर मुआवजा वितरण से लेकर जमीनों को खाली करवाने की कवायद में लेटलतीफी हुई है। बांध तैयार होने के बाद पानी रोकने के लिए डूब क्षेत्र में आ रहे नौरा पुल का काम पूरा होना भी जरूरी है। 17 करोड़ 28 लाख की लागत से नौरा पुल का काम किया जाना है। जिसमें से टेंडर के लिए 35 लाख रुपये भी जारी हो चुके हैं। वहीं मुआवजे के लिए दो करोड़ 10 लाख रुपये की राशि जारी हुई है। 

अब तक पूरा हो जाना चाहिए था नहर का काम
शाहपुर कंडी परियोजना से जम्मू-कश्मीर को अपने हिस्से का पानी दिलाने के लिए 1.4 किमी लंबी बसंतपुर रावी नहर के निर्माण का प्रावधान है। उद्घाटन के एक साल बाद भी काम आगे नहीं बढ़ पाया है। नहर निर्माण के लिए जद में आने वाले पेड़ों की कटाई को लेकर विभाग की ओर से दो बार निविदा आमंत्रित की गई हैं, लेकिन दोनों ही बार कोई आवेदन नहीं मिला है। इसके बाद खुले टेंडर भी लगाए गए हैं।

2715 करोड़ की परियोजना से जुड़ना है नहरों का नेटवर्क
परियोजना की नहर के पानी से जम्मू-कश्मीर की लगभग 32 हजार हेक्टेयर जमीन और 575 किमी लंबे नहरों के नेटवर्क को रावी दरिया से 1150 क्यूसेक्स पानी मिलेगा। 51.09 कनाल जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। 14 ढांचों को मुआवजा देने की प्रक्रिया जारी है। वर्ष 1960 के सिंधु जल समझौते को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने रावी दरिया के पानी को पंजाब और जम्मू-कश्मीर में ही सौ फीसदी प्रयोग करने की योजना पर मुहर लगाई थी, जिसमें केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 2014 से बंद पड़ी इस परियोजना में विशेष दिलचस्पी दिखाई। शाहपुर कंडी परियोजना राष्ट्रीय परियोजना घोषित की जा चुकी है। 

जम्मू-कश्मीर में उच्च स्तर पर मामला उठाया गया
परियोजना में विभिन्न कारणों से हुई देरी के चलते बांध का काम अब जुलाई 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा। जम्मू-कश्मीर से बातचीत चल रही है। नहर का काम एक साल बीतने के बाद भी 15 फीसदी ही हुआ है, जबकि 800 पेड़ों की कटाई और 15 कुनबों को हटाने का काम नहीं हो पाया है। बांध 72 फीसदी पूरा कर लिया गया है। बांध पूरा होने के साथ ही पाकिस्तान जाने वाले पानी को नियंत्रित कर माधोपुर अपर बाड़ी दोआब नहर में डाल दिया जाएगा। इसका लाभ रंजीत सागर बांध को पीक समय पर चलाकर लिया जा सकेगा। जिससे पंजाब में बिजली कटौती में कमी आएगी। उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन जल्द नहर के लिए जमीन उपलब्ध कराएगा और नौरा पुल का काम पूरा करेगा। 
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- संदीप कुमार सलूजा, महाप्रबंधक, शाहपुर कंडी बांध परियोजना

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