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जम्मू-कश्मीर: आतंकियों का मददगार दविंदर सिंह बर्खास्त, सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश

Thu, 20 May 2021 08:57 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

दविंदर सिंह को जनवरी 2020 में दो आतंकियों के साथ गिरफ्तार किया गया था। दविंदर की गिरफ्तारी उस समय हुई थी जब वह आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों के साथ एक कार में सवार होकर कहीं जा रहा था। 
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दविंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो
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विस्तार
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आतंकियों के मददगार दविंदर सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी किया गया है। आदेश के मुताबिक राज्य की सुरक्षा के हित में दविंदर सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है।

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जम्मू-कश्मीर पुलिस के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह के साथ ही कुपवाड़ा जिले के दो शिक्षकों की भी बर्खास्तगी का फैसला लिया गया है। दविंदर सिंह को साल 2020 में आतंकियों के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया था।

इससे पहले बीते महीने उच्च न्यायालय ने आतंकी संगठनों को पैसा देने के आरोप में निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह की ओर से उसके मामले की सुनवाई के लिए मामले को जम्मू से श्रीनगर में ट्रांसफर करने की याचिका खारिज कर दी थी। न्यायालय ने कहा था कि एसआरओ-149 के तहत श्रीनगर में स्थापित विशेष न्यायालय के पास एनआईए के मामलों पर सुनवाई करने का अधिकार नहीं है।
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न्यायाधीश संजय धर ने सुनवाई करते हुए कहा था कि इस केस में चार्जशीट पेश हो चुकी है और कानून के तहत अब चार्जशीट की सुनवाई जम्मू से श्रीनगर ट्रांसफर नहीं की जा सकती। न्यायालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार में जम्मू के अलावा कोई अन्य विशेष न्यायालय नहीं आता है और अगर यह मान भी लिया जाए कि याचिका में कोई तर्क है तो कानून के तहत याची को राहत प्रदान नहीं की जा सकती।

याची दविंदर सिंह ने तर्क दिया था कि मामले की सुनवाई के लिए अधिकतर गवाह श्रीनगर से हैं। वह श्रीनगर के इंदिरा नगर का निवासी है और परिवार भी वहां रहता है। जम्मू में उसका कोई नहीं होने से केस सुनवाई में परेशानी हो रही है। ऐसे में वह कश्मीर में अपना वकील करके उसे बार-बार जम्मू नहीं ला सकता है।

एनआईए की ओर से पेश हुए वकीलों ने कहा कि याची की मांग में कोई आधार नहीं है। अगर जम्मू के वकील उसका केस लड़ने को तैयार नहीं तो याची निशुल्क कानूनी मदद का हकदार है।

जम्मू कश्मीर में केवल तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायालय जम्मू को ही एनआईए कोर्ट का दर्जा मिला है और इसी विशेष अदालत में एनआईए मामलों पर सुनवाई का अधिकार है। लिहाजा ऐसे मामले को श्रीनगर ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है।
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