मौके पर डॉक्टर और एंबुलेंस की सुविधा भी नहीं मिली
महिला शालामार अस्पताल में उपचाराधीन
अरनिया। अरनिया क्षेत्र के सीमावर्ती गांव पिंडी चाड़कां में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते महिला का घर में ही प्रसव करवाना पड़ा। महिला की डिलीवरी सातवें महीने में हुई है। डिलीवरी के दौरान महिला को डॉक्टर की सुविधा नहीं मिली और न ही अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा मिली है।
महिला को शालामार अस्पताल रेफर कर दिया गया है। यहां पर उसका इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को लेकर लोगों में रोष है। सीमावर्ती गांव पिंडी चाड़कां में एक गर्भवती महिला अपने पति और आशा वर्कर के साथ पेट में दर्द की शिकायत लेकर बिश्नाह अस्पताल चेकअप के लिए पहुंची। शुक्रवार को बिश्नाह अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर छुट्टी पर थी। इसके बाद महिला ने अन्य डॉक्टर को अस्पताल में चेकअप करवाया। डॉक्टर ने साधारण चेकअप कर गर्भवती महिला को घर भेज दिया जबकि महिला को लेबर पेन शुरू हो चुकी थी। घर पहुंचते ही महिला को ज्यादा दर्द होने लगी और रक्तस्राव शुरू हो गया।
गांव के न्यू टाइप प्राइमरी हेल्थ सेंटर में तैनात महिला डॉक्टर को सूचित किया गया। परंतु स्वास्थ्य केंद्र से किसी प्रकार की मदद मरीज को नहीं मिली। इसके बाद महिला ने एक नवजात बच्चे को घर पर ही जन्म दिया। इसके बाद आशा वर्कर और परिजनों ने डॉक्टर से एंबुलेंस की मांग की। तकरीबन एक घंटे का समय बीतने के बाद परिजन महिला को निजी गाड़ी में लेकर बिश्नाह अस्पताल पहुंचे। बिश्नाह अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने नवजात की हालत को ठीक नहीं पाया। इसके चलते जच्चा-बच्चा को शालामार रेफर कर दिया।
गांव पिंडी चाड़कां के पूर्व उप सरपंच कुलदीप राज ने कहा कि बिश्नाह अस्पताल में स्वास्थ्य की जांच करवाने के बाद महिला की डिलीवरी घर पर हुई है। इससे साफ प्रतीत होता है कि बिश्नाह अस्पताल में महिला के स्वास्थ्य की जांच अच्छी तरह से नहीं की गई। घर में डिलीवरी के दौरान गांव में तैनात महिला डॉक्टर जच्चा बच्चा को देखने तक नहीं पहुंची। डिलीवरी के बाद एंबुलेंस भी मुहैया नहीं हो पाई है। स्वास्थ्य विभाग की घौर लापरवाही सामने आई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से इस मामले की शिकायत की जाएगी। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने पर डॉक्टर के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए कहा जाएगा।
आपातकाल में घर पर डिलीवरी को लेकर डॉक्टर को मौके पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध करवाना चाहिए था। डिलीवरी के बाद महिला को उपचार न मिलने के मामले में जांच की जाएगी।
- डॉ. प्रेमपाल, जेडएमओ, न्यू टाइप पीएचसी पिंडी चाड़कां
गांव में स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद मरीज को डॉक्टर और एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिली है। इस मामले की गहनता से जांच की जाएगी।
-डॉ. घनश्याम सिंह, बीएमओ बिश्नाह
बिश्नाह बीएमओ से मामले की विस्तृत जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हामिद जरगर, निदेशक स्वास्थ्य विभाग जम्मू