मछेल फर्जी एनकाउंटर पर हुड्डा ने कहा कि इसे लेकर किए गए फैसले की फिर से समीक्षा करने की आवश्यकता है। बताते चलें कि इस मामले में सेना के जवानों को दोषी पाया गया है। एक स्थानीय युवक के भी शामिल होने के बारे में सेना का मानना था कि इस एनकाउंटर में उक्त युवक के शामिल होने के उनके पास सबूत है। इसके बाद फाइल हुड्डा के पास वापस आई थी।
हीरानगर, कठुआ में फायरिंग रेंज
कठुआ और हीरानगर में फायरिंग रेंज न होना गंभीर मुद्दा है। इस पर विचार किया जा रहा है।
स्थानीय युवकों का आतंक से जुड़ना घातक
हुड्डा ने कहा कि कश्मीर में स्थानीय युवकों का आतंक से जुड़ना चिंता का विषय है और यह घातक साबित हो सकता है। इसके लिए सेना उनके परिवारों से बात कर रही है। सरकार और स्थानीय लोगों को इस और ध्यान देने की जरूरत है।
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चीनी सेना की हरकतें
चीन द्वारा भारतीय सीमा में प्रवेश करना और भारतीय सेना के कार्यों में दखल देना कोई बड़ी बात नहीं। वह रूटीन में ऐसा करते रहते हैं। चीन से डरने की कोई बात नहीं है। भारतीय सेना कैसे भी हालात से निपटने और किसी से भी लोहा लेने में सक्षम है।
घुसपैठ करना अब आसान नहीं
लाइन आफ कंट्रोल (एलओसी) पर आतंकियों का घुसपैठ करना अब आसान नहीं होगा। आतंकियों पर नजर रखने के लिए सेना ने एलओसी के तकनीकी ढांचे को आधुनिक तकनीक से लैस करने की योजना बनाई है। आतंकी भारतीय सीमा में घुसने से पहले ही ढेर कर दिए जाएंगे।
सेना ने एलओसी की फेंसिंग पर ग्राउंड वाइब्रेशन यंत्र लगाने की योजना बनाई है। नार्दर्न कमांड के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डी एस हुड्डा ने बताया कि इस यंत्र के लगने से जब आतंकी घुसपैठ करेंगे तो जमीन वाइब्रेशन (थरथराहट) करने लगेगी।
फेंसिंग के बिल्कुल पास लगाए जाने वाले इन यंत्रों की जानकारी फारवर्ड पोस्ट पर तैनात जवानों को हर समय रहेगी। किसी भी मौसम और किसी भी हालात में यह यंत्र काम करना बंद नहीं करेंगे।
नाइट विजन कैमरे भी लगाए जाएंगे
आतंकियों के फेंसिंग के पास पहुंचते उनकी भनक लग जाएगी। सेना ने अपने सर्विलांस यूनिट को मजबूत करने के लिए ऐसा किया है। एलओसी पर सेंसर और नाइट विजन कैमरे भी लगाए जाएंगे, जो एलओसी पर फेंसिंग के उस पार तक नजर रखेंगे।
आधुनिक तकनीक वाले इन कैमरों की मदद से एलओसी पर हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी। जम्मू और कश्मीर खित्ते में पूरी एलओसी को इस तकनीक से कवर किया जाएगा। पिछले कुछ सालों से एलओसी पर आतंकियों ने बहुत बार घुसपैठ की कोशिशें की हैं, लेकिन उन्हें मुंह की खानी पड़ी है।
हाल ही में पुंछ जिले के मेंढर से सटी एलओसी के पार पीओके के मंगला इलाके में चीनी सेना की मदद से पाकिस्तानी सेना ने लोहे की शीट युक्त कंक्रीट बंकर बनाए हैं, ताकि घुसपैठ के दौरान आतंकियों को कवर फायर दिया जा सके और भारत की जवाबी कार्रवाई में कोई नुकसान भी न हो।
नार्दर्न कमांड के लेफ्टिनेंट जनरल जीओसी डी एस हुड्डा ने कहा कि रियासत में अभी भी सैकड़ों आतंकी सक्रिय हैं। ऐसा नहीं होता तो पिछले दिनों कश्मीर में इतने आतंकी हमले नहीं होते। नौशेरा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए अफस्पा पर उनका कहना था कि इस संबंध में निर्ण सरकार को लेना है।
सेना से जब राय पूछी जाएगी तो दे दी जाएगी। उनका कहना था कि शोपियां, राजोरी, पुंछ, कुपवाड़ा, बारामुला, सोपोर जिलों में बड़ी तादाद में सक्रिय आतंकियों का सफाया करने के लिए सेना जी जान से जुटी है। पाकिस्तान द्वारा जमात उद दावा पर प्रतिबंध लगाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रतिबंध सिर्फ आंखों में धूल झोंकने के लिए लगाया है।
हकीकत तो यह है कि जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद अभी भी एलओसी और आईबी पर सक्रिय है। वह आतंकवाद को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। हाफिज को पाकिस्तान और वहां की सेना का पूरा समर्थन है।
आईबी पर बढ़ती हलचल पर उन्होंने कहा कि बीएसएफ से लगातार इनपुट मिल रहे हैं कि पाकिस्तान फायरिंग की आड़ में लगातार आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश कर रहा है।