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जम्मू कश्मीर: सेना ने शहीद कर्नल संतोष महादिक को याद किया, कुपवाड़ा में 2015 में आतंकियों का खात्मा कर हुए थे शहीद 

Wed, 17 Nov 2021 02:38 PM IST
विमल शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

बारामुला में सेना ने बुधवार को शहीद कर्नल संतोष महादिक को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शौर्य चक्र और सेना मेडल विजेता कर्नल महादिक 17 नवंबर 2015 को कुपवाड़ा जिले के मनिगाह में शहीद हो गए थे।
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Santosh Mahadik - फोटो : army
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बारामुला में सेना ने बुधवार को शहीद कर्नल संतोष महादिक को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शौर्य चक्र और सेना मेडल विजेता कर्नल महादिक 17 नवंबर 2015 को अपने साथियों का नेतृत्व करते हुए उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के मनिगाह में शहीद हो गए थे। उन्हें मरणोपरंात शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। 

 

41 राष्ट्रीय राइफल्स ने कैप में शहीद कर्नल को याद करते हुए उनके चित्र पर माल्यार्पण किया। उनकी याद में प्रेरक भाषण, कविताएं भी सुनाई गईं। वक्ताओं ने उनके समर्पण और बहादुरी को सलाम करते हुए कहा कि कुपवाड़ा उन्हें कभी नहीं भूलेगा। जिसके लोगों के लिए उन्होंने अपनी जान कुर्बान कर दी। कर्नल महादिक की शहादत से प्रेरणा लेते हुए उनकी पत्नी स्वाति संतोष महादिक भी बाद में सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में शामिल हुईं।

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स्वाति की इच्छा को देखते हुए तत्कालीन सेना अध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह और तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पारिक ने उन्हें सेवा चयन बोर्ड में उम्र सीमा में छूट देने की सिफारिश की थी। जिस समय स्वाति ने सेना में योगदान दिया उस समय वह 37 वर्ष की थीं। जबकि एसएसबी में चयन की उम्र सीमा 27 वर्ष ही है। 

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