कश्मीर घाटी में मंगलवार को बर्फीले तूफान और हिमस्खलन की तीन घटनाओं में सेना और सीमा सुरक्षा बल के छह जवान शहीद हो गए। दो अन्य घटनाओं में छह नागरिकों की भी मौत हुई है। एलओसी पर पेट्रोलिंग पार्टी तथा पोस्ट बर्फ के नीचे दब गए थे। बचाव कार्य शुरू कर बर्फ में दबे छह जवान सुरक्षित निकाल लिए गए हैं।
मंगलवार को एलओसी पर कुपवाड़ा जिले के माछिल सेक्टर के रिंगबाला इलाके में 45 राष्ट्रीय राइफल्स की पेट्रोलिंग पार्टी बर्फीले तूफान में फंस गई। पेट्रोलिंग पार्टी में शामिल सभी पांच जवान बर्फ में दब गए। सूचना मिलते ही अभियान चलाकर चार जवानों को बर्फ से निकाला गया लेकिन चारों जवान शहीद हो गए। एक जवान अब भी लापता है। इसे खोजने के लिए हेलीकॉप्टर के साथ ही खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है।
इसी बीच दोपहर बाद कुपवाड़ा जिले के नौगाम सेक्टर में आए हिमस्खलन बीएसएफ 77 बटालियन के सात जवान लापता हो गए। बचाव कार्य शुरू कर छह को सुरक्षित निकाल लिया गया लेकिन एक जवान ने दम तोड़ दिया। फिलहाल, सेना और बीएसएफ ने शहीद जवानों के नाम नहीं बताए हैं।
बीएसएफ का कहना है कि हिमस्खलन में बचाए गए जवानों को नजदीकी अस्पताल में उपचार दिया जा रहा है। देर शाम टंगधार सेक्टर में गुंडा पोस्ट से शिवा पोस्ट जाते वक्त पेट्रोलिंग पार्टी बर्फीले फंस गई। इसमें छह जवान शामिल थे, जिनमें से एक की मौत हो गई। पांच अन्य का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
वहीं, गांदरबल जिले के कंगन इलाके के कुल्लन गांव में सोमवार शाम हुए हिमस्खलन में एक मकान पूरी तरह दब गया। अचानक बर्फ के नीचे मकान के दबने से घर में मौजूद नौ लोग फंस गए। रातभर पुलिस तथा प्रशासन की ओर से बचाव कार्य चलता रहा। बर्फ हटाकर दबे सभी लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। यहां डॉक्टरों ने पांच को मृत घोषित कर दिया। गुरेज में आए हिमस्खलन में एक नागरिक की मौत हो गई जबकि सात घायल हो गए।